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Gwalior : कृषि विद्यार्थी ड्रोन तकनीक के मास्टर ट्रेनर बनकर किसानों को करें जागरूकः प्रो. शुक्ला

नाबार्ड के तत्वावधान में ड्रोन प्रदर्शन एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

ग्वालियर : आधुनिक खेती में ड्रोन तकनीक का विशेष महत्व है। कृषि की पढ़ाई कर रहे विद्यार्थी ड्रोन तकनीक को समझें और इसे प्रोत्साहित भी करें, जिससे कृषक इस तकनीक को अपना सकें। यह बात मंगलवार को राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. अरविंद कुमार शुक्ला ने कृषि विज्ञान केन्द्र परिसर में स्थित सेंटर फॉर एग्रीबिजनेस एण्ड एंटरप्रेन्योरशिप में आयोजित हुए एक दिवसीय ड्रोन प्रदर्शन एवं जागरूकता कार्यक्रम में कही।

कुलपति प्रो. शुक्ला ने कहा कि विद्यार्थी ड्रोन तकनीक का प्रशिक्षण लेकर मास्टर ट्रेनर की भूमिका निभाएँ। साथ ही नाबार्ड द्वारा किसानों के लिये संचालित लाभकारी योजनाओं को कृषकों तक पहुँचाने में सहभागी बनें।

कार्यक्रम का आयोजन नाबार्ड के तत्वावधान में ग्रामीण आधारभूत संवर्धन निधि के अंतर्गत किया गया। कार्यक्रम में 200 से अधिक एफपीओ समूह, कृषक एवं कृषि विषय की पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों ने भाग लिया। नाबार्ड के जिला प्रबंधक धर्मेन्द्र ने इस अवसर पर जानकारी दी कि सरकार की योजनाओं के तहत ड्रोन क्रय करने वाले कृषकों को अनुदान दिया जाता है। उन्होंने बताया शासन की योजना के तहत एफपीओ के लिये 75 प्रतिशत तक अनुदान देने का प्रावधान है।

कृषि विश्वविद्यालय के निदेशालय विस्तार सेवाएँ डॉ. वाय पी सिंह व डॉ. एस के शर्मा ने भी इस अवसर पर ड्रोन तकनीक के बारे में उपयोगी जानकारी दी। कार्यक्रम में ड्रोन निर्माता कंपनी दक्षा अनमेड सिस्टम चैन्नई से आए ड्रोन पायलट नरेश ने ड्रोन का लाइव प्रदर्शन किया। आरंभ में सीएआईई के नोडल ऑफीसर डॉ. वाय डी मिश्रा ने अतिथियों का स्वागत किया। अंत में सीएआईई के सीईओ श्री आदित्य ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।

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