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Alirajpur : हाट बाजारों में नुक्कड़ नाटक के माध्यम से दे रहे, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का संदेश

अलीराजपुर: (Alirajpur ) जिले में विभिन्न स्थानों पर लगने वाले हाट बाजारों नुक्कड़ नाटक के माध्यम से नुक्कड़ नाटक दल द्वारा बेटी बचाओ, बेटी पढाओ संदेश का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। जिले में लगने वाले विभिन्न हाट बाजारों में नाटक दल पहुंचते हैं और स्थानीय लोगों को नाटक दिखाकर बाल विवाह न करने एवं उसके दुष्परिणामों के बारे में जानकारी देते हैं।इन दलों के द्वारा ग्रामीण जनों को बाल विवाह न करने एवं उसके दुष्परिणामों के बारे में भी जानकारी दी जाती है ।

प्रभारी जिला कार्यक्रम अधिकारी सी जी गोस्वामी द्वारा इस संबंध में बताया गया कि जिले के स्थानीय हाट बाजारों में नुक्कड़ नाटक दल द्वारा नाटक के माध्यम से बेटी बचाओ, बेटी पढाओ योजना का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। ये दल विभिन्न हाट बाजारों में नाटक दिखाकर शहरी एवं ग्रामीण जनों को बाल विवाह न करने एवं उसके दुष्परिणामों के बारे में भी जानकारी देते हैं। नाटक के माध्यम से आमजनों को संदेश दिया जाता है कि बच्चों की कम उम्र में शादी करने से किस तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। दल के सदस्यों द्वारा इस बात को निरूपित किया जाता है कि यदि लड़के और लड़की का विवाह कम उम्र में कर दिया जाता है तो एक तरफ जहां लड़कियों का मानसिक व शारीरिक विकास नहीं हो पाता है, वहीं माॅ बनने के कारण बच्चे ,एवं मां दोनों की जान को भी खतरा पैदा हो जाता है। कम उम्र में विवाह करने से घर परिवार की जिम्मेदारी की जिम्मेदारी उठानी पड़ती है और इसके कारण पढ़ाई भी नहीं हो पाती है। अभियान के अंतर्गत इस प्रकार से संदेश देते हुए अंचल के ग्रामीण जनों को जागरूक किया जा रहा है।

बाल विवाह रोकने के प्रयासों के तहत कानूनी जानकारी देते हुए ग्रामीण जनों को बताया जा रहा है कि बाल विवाह करवाने, उसमें शामिल होने या बढावा देने वाला, प्रत्येक व्यक्ति, संस्था या संगठन अपराधी हैं और इसके लिए 2 साल तक की कड़ी सजा या 01 लाख रूपये तक का जुर्माना हो सकता है। साथ ही इस कानून की भी जानकारी दी जाती है कि गर्भावस्था के दौरान लिंग परीक्षण कराना कानूनन अपराध है। कोई भी विशेषज्ञ या सेवा देने वाला तकनीकी या व्यावसायिक मदद देने वाला इस अधिनियम के किसी प्रावधान का उल्लंघन करता है तो उसे 3 साल की कैद और 10 हजार रुपये का जुर्माना हो सकता है।

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