भोपाल आएगा विश्व जलवायु निगरानी मानचित्र पर : कुलपति प्रो. सुरेश
भोपाल : एशिया के पहले एवं देश के सबसे बड़े मीडिया विश्वविद्यालय, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के माखनपुरम परिसर में अमेरिकी विश्वविद्यालय जल्द ही मौसम स्टेशन स्थापित करेगा । आने वाली 30 और 31 अक्टूबर को पत्रकारिता विश्वविद्यालय में अमेरिका विश्वविद्यालय के प्रतिनिधिमंडल का दो दिवसीय दौरा होने जा रहा है, जिसमें दोनों विश्वविद्यालय के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. केजी सुरेश ने गुरुवार को खुशी जताते हुए कहा कि भोपाल शहर में जलवायु परिवर्तन की निगरानी के लिए अमेरिकी विश्वविद्यालय सिटी यूनिवर्सिटी ऑफ़ न्यूयॉर्क द्वारा एक सौर ऊर्जा संचालित मौसम स्टेशन स्थापित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जलवायु निगरानी से प्राप्त सूचना को विश्वविद्यालय के सामुदायिक रेडियो, रेडियो कर्मवीर के माध्यम से भोपाल की जनता तक पहुंचाया जाएगा।
कुलपति प्रोफेसर सुरेश ने कहा कि यह स्टेशन मध्य भारत में पहला, भोपाल में सूक्ष्म पैमाने पर वायु गुणवत्ता और मौसम की निगरानी करेगा। उन्होंने कहा कि सिटी यूनिवर्सिटी ऑफ़ न्यूयॉर्क (CUNY) अमेरिकी महावाणिज्य दूतावास, मुंबई के अनुदान से एमसीयू भोपाल में यह मौसम निगरानी स्टेशन स्थापित होगा। उन्होंने कहा कि इस अवसर पर दोनों संस्थान साझा हित के एक वक्तव्य (एसएसआई) एमओयू पर हस्ताक्षर करेंगे, जिसमें शैक्षणिक सहयोग, छात्र और संकाय आदान-प्रदान, अनुसंधान सहयोग और संयुक्त सेमिनार और कार्यशालाएं शामिल हैं। उन्होंने यह भी साझा किया कि चूंकि जलवायु परिवर्तन दुनिया के लिए एक गंभीर चुनौती है, इस उपकरण की स्थापना से स्थानीय हितधारकों को अपने रोजमर्रा के जीवन के बारे में मौसम के डेटा तक पहुंचने में एवं मौसम संबंधी निर्णय लेने में मदद मिलेगी।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वैश्विक जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न होने वाली विभिन्न चुनौतियों को समझने और उनका समाधान करने के लिए विभिन्न शोधों, नियंत्रण की योजना और अन्य जागरूकता प्लेटफार्मों के लिए एक मिशन शुरू किया जाना चाहिए। सिटी यूनिवर्सिटी ऑफ़ न्यूयॉर्क के रसायन विज्ञान, पृथ्वी, विज्ञान विभाग की सहायक व्याख्याता प्रोफेसर परमिता सेन के अनुसार, एमसीयू का मौसम स्टेशन तापमान, वायु गुणवत्ता, आर्द्रता के स्तर, सौर विकिरण, पराबैंगनी विकिरण को कहीं से भी सटीक रुप से मापने और भोपाल में किरणें और कार्बन डाइऑक्साइड का स्तर में मदद करेगा।
मौसम स्टेशन दिन के उजाले के दौरान सौर ऊर्जा पर चलता है । सौर ऊर्जा रात में या बादल वाले दिनों में निरंतर संचालन के लिए लिथियम बैटरी को भी चार्ज करती है। मौसम डेटा को ‘वेदर अंडरग्राउंड’ नेटवर्क से जोड़ा जाएगा और भोपाल को जलवायु निगरानी के विश्व मानचित्र पर लाया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि अमेरिकी महावाणिज्य दूतावास, मुंबई ने बीसीसी/सीयूएनवाई को आईआईटी गोवा, राजभवन गवर्नर हाउस, मुंबई सहित उच्च शिक्षा संस्थानों में मौसम निगरानी स्टेशन स्थापित करने के लिए अनुदान प्रदान किया है।


