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Hisar : मर्चेंट नेवी में नौकरी दिलवाने के नाम पर युवाओं से हो रहा बड़ा धोखा

सीएम फ्लाइंग व स्वास्थ्य विभाग का तारा अस्पताल पर छापा, सील किया

मर्चेंट नेवी में नौकरी दिलवाने के नाम पर युवाओं से 2250 रुपये लेकर लिए जा रहे थे ब्लड सैंपल

जयपुर की मर्चेंट नेवी इंस्टीट्यूट व ट्रेनिंग सेंटर ऑरिक इंस्टीट्यूट हॉस्पिटल एंड क्रूज मैनेजमेंट की तरफ से दिया गया था नौकरी का ऑफर

हिसार : सीएम फ्लाइंग की टीम ने एक सूचना के आधार पर कैंप चौक स्थित तारा अस्पताल में छापा मारा। अनियमितताएं मिलने पर आगामी जांच व कार्रवाई तक अस्पताल को सील कर दिया गया है। सीएम फ्लाइंग की टीम ने अपने साथ स्वास्थ्य विभाग व पुलिस को भी शामिल किया। मामले की जांच जारी है।

बताया जा रहा है कि सीएम फ्लाइंग को सूचना मिली थी कि अस्पताल में युवाओं के ब्लड सैंपल लेकर उन्हें जांच के लिए भिजवाया जा रहा था। सीएम फ्लाइंग को मिली सूचना के अनुसार जयपुर की किसी कंपनी ने कहीं से मोबाइल नंबर एकत्रित करके हरियाणा के युवाओं को मर्चेंट नेवी में नौकरी दिलवाने का ऑफर दिया। ऑफर के अनुसार उनसे मैट्रिक की प्रति व अन्य दस्तावेज मांगे गए और यह आश्वासन दिया गया कि फार्म वे खुद ही भर लेंगे। फार्म भरने की कार्रवाई के बाद युवाओं को हिसार में परीक्षा देने का भी कहा गया और आजाद नगर स्थित एक निजी स्कूल में परीक्षा भी करवाई गई। परीक्षा के बाद युवाओं को कहा गया कि अब उनकी ब्लड सैंपल की जांच होगी और उसके बाद आगे की कार्रवाई चलेगी। ब्लड सैंपल की जांच के लिए तारा अस्पताल को सेंटर बनाया गया था। खास बात यह है कि जिस मर्चेंट नेवी में नौकरी का आफर युवाओं को दिया गया, उनमें लड़कियों के फार्म भी भरवा लिए गए और अनेक लड़कियों ने परीक्षा दी और शनिवार को ब्लड सैंपल देने भी पहुंच गई जबकि मर्चेंट नेवी में इस तरह खुले रूप से लड़कियों की भर्ती अभी तक नहीं हो रही है। मर्चेंट नेवी के लिए लड़कियों के फार्म भरवाने, परीक्षा लेने व ब्लड सैंपल लेने पर अभिभावकों को भी शक हुआ और किसी तरह यह सूचना खुफिया विभाग व सीएम फ्लाइंग तक पहुंच गई, जिस पर सीएम फ्लाइंग की टीम ने यह छापा मारा।

बताया जा रहा है कि मर्चेंट नेवी इंस्टीट्यूट व ट्रेनिंग सेंटर ऑरिक इंस्टीट्यूट हॉस्पिटल एंड क्रूज मैनेजमेंट जयपुर की एक टीम द्वारा नेवी में नौकरी के संबंध में युवाओं की मेडिकल जांच की जा रही थी। तारा अस्पताल में मौजूद डॉक्टर जांच से जुड़ा कोई कागजात पेश नहीं कर पाए। बताया गया है कि जयपुर के उक्त सेंटर की तरफ से बीकानेर जिले के राम सिंह नोखा तारा हॉस्पिटल में प्रत्येक बच्चे से 2250 रुपए लेकर एक रसीद जनसेवा डायग्नोस्टिक सेंटर के नाम से दी जा रही थी, जबकि ऐसा कोई सेंटर यहां पर नहीं है। छापे के दौरान सीएम फ्लाइंग एएसआई सुरेंद्र कुमार, इएसआई जयवीर सिंह, नागरिक अस्पताल के डॉ. राहुल, अर्बन स्टेट थाना से अशोक कुमार मौके पर मौजूद रहे।

इस अवसर पर सातरोड़ निवासी 66 वर्षीय व्यक्ति ने बताया कि उसके पोते को मर्चेंट नेवी में नौकरी लगवाने के लिए 10 सितंबर को फोन आया था कि आजाद नगर के निजी स्कूल में टेस्ट है। वह 23 सितंबर को कैंप चौक स्थित तारा अस्पताल में मेडिकल के लिए आ जाए। इस पर आज वहां पर पहुंचे तो उनसे 2250 रुपए लेकर एक रसीद दी गई। वहां पर हमने देखा कि अस्पताल में मेडिकल के लिए उपयुक्त डॉक्टर व अन्य संसाधन नहीं है। इस पर उनको शक हुआ कि कहीं यहां पर युवाओं-अभिभावकों से धोखाधड़ी तो नहीं की जा रही है।

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