गाज़ियाबाद : परिवार न्यायालय कोर्ट संख्या 3 ने सोमवार को झूठा साक्ष्य देने के कारण पत्नी के विरुद्ध दिए परिवाद दर्ज करने के आदेश दिया है। भरण पोषण के इस मामले की सुनवाई में पत्नी ने स्वयं को बेरोजगार बताया था। साथ ही आईटीआर न भरने व बैंक खाते न होने का कथन किया था । अधिवक्ता उमेश भारद्वाज ने बताया पति द्वारा अपनी पत्नी के रोजगार से सम्बंधित व बैंक, आईटीआर इत्यादि के प्रपत्र न्यायालय में प्रस्तुत किये गए । जिसके उपरांत न्यायालय ने 340 दंड प्रक्रिया संहिता के तहत दोषी पाते हुए सम्बंधित मजिस्ट्रेट को मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया।


