वाराणसी : बारिश के मौसम में जल जमाव होने से मच्छर जनित रोग डेंगू का प्रभाव बढ़ने लगता है। घर व आसपास कहीं भी एक सप्ताह से अधिक पानी जमा न होने दें, क्योंकि साफ पानी में ही डेंगू का मच्छर ‘एडीज़’ पनपता है। इस मच्छर की पहचान सफ़ेद धारियों से होती है और यह दिन में ही काटता है। जिला मलेरिया कार्यालय के अनुसार इस साल जनपद में जुलाई तक एक भी डेंगू का रोगी नहीं पाया गया । लेकिन इस माह में अब तक 13 डेंगू के रोगियों की पुष्टि हो चुकी है। इसलिए साफ-सफाई पर ध्यान देना जरूरी है।
सोमवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ संदीप चौधरी ने बताया कि मच्छर जनित रोग डेंगू की रोकथाम और प्रभावी कार्रवाई के लिए स्वास्थ्य विभाग समेत नगर निगम और पंचायती राज विभाग प्रत्येक स्तर पर प्रयास कर रही है। इसके लिए जनमानस को भी जागरूक और सतर्क रहने की आवश्यकता है। एसीएमओ व नोडल अधिकरी डॉ एसएस कनौजिया ने बताया कि जनपद के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में डेंगू के पॉज़िटिव रोगी मिलने पर शहर में नगर निगम और गाँव में पंचायती राज विभाग के सहयोग से एंटी लार्वा छिड़काव और फोगिंग का कार्य निरंतर किया जा रहा है।
जिला मलेरिया अधिकारी (डीएमओ) शरत चंद पाण्डेय ने बताया कि इस साल जनपद में अब तक 13 डेंगू के रोगी पाये गए। यह सभी रोगी एलाईजा जांच में पॉज़िटिव पाये गए। इसमें से 12 रोगी नगरीय क्षेत्र जैसे छतनीपुर शिवपुर, रमना, धमनीपुर लोहता, जलालीपट्टी बीएलडबल्यू, खोजवां, डाफ़ी, सिगरा और सामने घाट में देखे गए जबकि एक रोगी ग्रामीण क्षेत्र के चिरईगांव के भभिया अम्बा गाँव में पाया गया। सभी रोगियों को उपचार किया जा चुका है। कोई भी गंभीर स्थिति में नहीं है और सभी स्वस्थ हो चुके हैं।


