नई दिल्ली:(New Delhi) दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने राज्य के महिला एवं बाल विकास विभाग में तैनात एक डिप्टी डायरेक्टर को निलंबित करने का आदेश दिया है। उस पर अपने दोस्त की बेटी से कई महीनों तक दुष्कर्म करने का आरोप है। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव नरेश कुमार से इस बारे में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। अधिकारी पर आरोप है कि उसने 14 साल की किशोरी के साथ नवंबर 2020 से जनवरी 2021 तक कई बार दुष्कर्म किया।
इस संबंध में उत्तरी जिले के डीसीपी सागर सिंह कलसी का कहना है कि पीड़िता अपने माता-पिता के साथ रहती थी। माता-पिता दिल्ली सरकार के स्कूल में प्रधानाध्यापक थे। एक अक्टूबर 2020 को पिता की मौत के बाद पीड़िता परेशान रहने लगी थी। जिस कारण अधिकारी उसे अपने घर लेकर आ गया। आरोपित ने पीड़िता के साथ नवंबर 2020 से जनवरी 2021 के बीच कई बार दुष्कर्म किया। उसने घटना की जानकारी आरोपित की पत्नी को दी लेकिन उसने पीड़िता को चुप रहने की सलाह दी।
पीड़िता की मां के अनुसार 16 जनवरी को बेटी के जन्मदिन पर जब उससे मिलने गई तो वह भी उनके साथ घर आ गई। इसके बाद आरोपित पीड़ित से लगातार संपर्क करने की कोशिश करता रहा था। इस मामले में पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने दुष्कर्म समेत अन्य धाराओं और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। समाचार लिखे जाने तक आरोपित की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
उधर, दोस्त की नाबालिग बेटी का कथित रूप से कई बार यौन उत्पीड़न करने और उसे गर्भवती करने के आरोपित अधिकारी को गिरफ्तार करने की मांग करते हुए दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने सोमवार को दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया है।
स्वाति मालीवाल ने “एक्स” पर लिखा, “दिल्ली में महिला एवं बाल विकास विभाग में डिप्टी डायरेक्टर के पद पर बैठे सरकारी अफ़सर पर बच्ची से यौन शोषण का गंभीर आरोप लगा है। पुलिस ने अभी तक उसको अरेस्ट नहीं किया है। दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर रहे हैं। जिसका काम बेटियों की सुरक्षा करना था वही भक्षक बन जाये तो लड़कियां कहां जाएं। जल्द गिरफ़्तारी होनी चाहिए।”


