मुजफ्फरनगर कोर्ट के आदेश पर गिरफ्तार करने बहादुरगढ़ पहुंची पुलिस
बेटे की गिरफ्तारी पर भड़के कर्मबीर राठी और समर्थक
झज्जर : चार वर्ष पहले उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर के तितावा थाने में दर्ज हत्या के प्रयास के मामले में वहां की पुलिस ने बुधवार को बहादुरगढ़ नगर परिषद के पूर्व चेयरमैन कर्मबीर राठी के पुत्र कमल को गिरफ्तार कर लिया। इस केस में कमल के ताऊ के बेटे यानी चेयरपर्सन सरोज राठी के पति रमेश राठी भी नामजद हैं।
कोर्ट के आदेश पर बुधवार को मुजफ्फरनगर पुलिस बहादुरगढ़ में उन्हें गिरफ्तार करने पहुंची।बहादुरगढ़ मेट्रो सिटी स्टेशन के नजदीक से कमल राठी को हिरासत में ले लिया। यहां से यूपी पुलिस थाना शहर पहुंची। इसकी भनक लगते ही कर्मबीर राठी, चेयरपर्सन सरोज राठी व उनके समर्थक थाना में पहुंच गए।
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर के तितावा थाने से एसआई मुकेश त्यागी, सिपाही राहुल कुमार के अलावा एक अन्य पुलिसकर्मी केस से जुड़े आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए बुधवार को बहादुरगढ़ पहुंचे। उनका कहना है कि वर्ष 2019-20 में रमेश राठी व कमल राठी के खिलाफ भारतीय दंड संतिहा की धारा 307 के अलावा अन्य आरोपों में एक मामला दर्ज हुआ था।
इस मामले में कोर्ट ने वारंट जारी किए। गिरफ्तारी वारंट के आधार पर वे बहादुरगढ़ में दोनों को गिरफ्तार करने के लिए पहुंचे। इनमें से कमल को पुलिस ने एचएनजी फैक्टरी के नजदीक से काबू किया। एसआई त्यागी का कहना है कि वह उन्हें गिरफ्तार करके बहादुरगढ़ के थाना शहर पहुंचे। गिरफ्तार किए गए कमल राठी की दोपहर बाद बहादुरगढ़ के सरकारी अस्पताल में मेडिकल जांच कराई गई। इसके बाद टीम यहां से उत्तर प्रदेश के लिए रवाना हो गई।
नप चेयरपर्सन सरोज राठी ने कमल की गिरफ्तारी करने पहुंची यूपी पुलिस पर तरह-तरह के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस उनके घर में जबरदस्ती घुसी और किसी तरह का कोई वारंट नहीं दिखाया और उनके साथ भी बदतमीजी की। साथ ही उन्होंने यूपी पुलिस पर भी कमल के साथ मारपीट का आरोप लगाया है। सरोज राठी ने मुजफ्फरनगर जिले में दर्ज मामले को झूठा बताते हुए कहा कि यह केस राजनीतिक रंजिश रखते हुए दर्ज करवाया गया था।


