
मुंबई : (Mumbai) मुंबई पुलिस (Mumbai Police) ने राणा कपूर (Rana Kapoor) और अन्य बैंक अधिकारियों के खिलाफ लगभग 1,000 करोड़ रुपये मूल्य की गिरवी रखी संपत्ति के कथित अवैध हस्तांतरण के मामले में प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस के अनुसार शिकायत में आरोप लगाया गया है कि बैंक ने 150 करोड़ रुपये के ऋण को गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (एनपीए) घोषित किए बिना एक एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी को स्थानांतरित कर दिया।
वर्ली पुलिस थाने में दर्ज हुई एफआईआर
यह प्राथमिकी एचडीआईएल की सहयोगी कंपनी सफायर लैंड डेवलपमेंट (Sapphire Land Development—a subsidiary of HDIL) से जुड़े लखमिंदर दयाल सिंह की शिकायत पर वर्ली पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई है।मामले में राणा कपूर, सुधीर वालिया और यस बैंक (Rana Kapoor, Sudhir Valia, and other Yes Bank officials) के अन्य अधिकारियों के नाम शामिल किए गए हैं।
2015 में लिया गया था 300 करोड़ रुपये का ऋण
प्राथमिकी के अनुसार एचडीआईएल समूह की कंपनी प्रिविलेज पावर एंड इंफ्रास्ट्रक्चर ने वर्ष 2015 में यस बैंक की वर्ली शाखा से 300 करोड़ रुपये (Worli branch of Yes Bank in 2015) का ऋण लिया था। बाद में वित्तीय संकट के चलते सफायर लैंड डेवलपमेंट ने 150 करोड़ रुपये के अतिरिक्त ऋण की मांग की, जिसे बैंक ने 2016 में मंजूरी दी थी। ऋण की सुरक्षा के तौर पर एचडीआईएल समूह और उससे जुड़ी कंपनियों की करीब 1,000 करोड़ रुपये की संपत्तियां बैंक के पास गिरवी रखी गई थीं। यह ऋण 36 महीनों में चुकाया जाना था।
संपत्ति कम कीमत पर बेचने का आरोप
शिकायतकर्ता का आरोप है कि जून 2018 में उन्हें पता चला कि यस बैंक ने उनकी कंपनी से 176.53 करोड़ रुपये की वसूली के लिए एक एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी को अधिकार दे दिए, जबकि ऋण चुकाने की समयसीमा पूरी नहीं हुई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि गिरवी रखी गई संपत्तियों को अवैध तरीके से ट्रांसफर किया गया और बाजार मूल्य से कम कीमत पर बेच दिया गया। शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि 2019 की विशेष ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार कंपनी को एनपीए (Non-Performing Asset) घोषित नहीं किया गया था। पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले में संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।


