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Jaipur : मणिपाल हॉस्पिटल ने बिना हड्डी काटे दूरबीन से की हार्ट की सर्जरी

जयपुर : राजस्थान में पहली बार हार्ट की चारों धमनियों के ग्राफ्ट छाती के अंदर से ही लेकर सर्जरी कर जयपुर मणिपाल हॉस्पिटल ने पंजाब निवासी 53 वर्षीय राम प्रकाश की को नया जीवन दिया है।

मणिपाल हॉस्पिटल जयपुर वरिष्ठ कार्डियक सर्जन डॉ. ललित मलिक ने बताया कि यूट्यूब पर पुराने मरीजों की सर्जरी के वीडियो देखकर पंजाब के फाजिल्का जिला ग्राम दौलतपुरा मरीज राम प्रकाश जयपुर आया। मरीज की पुरानी जांच देखने व फिजिकली जांच करने पर पता लगा कि उनके हार्ट की चारों मुख्य धमनियां 90 प्रतिशत से अधिक ब्लॉक है और उनके उपचार का एकमात्र रास्ता हार्ट भी बायपास सर्जरी है।

डॉ. ललित ने बताया कि वह दूरबीन से हार्ट की सर्जरी पहले भी करते आये है। लेकिन यह सर्जरी अपने आप में बिल्कुल अलग है। इसमे हार्ट की चारों मुख्य धमनियों के ब्लॉकेज को दूरबीन की सहायता से एक साथ दूर किया है व साथ ही ग्राफ्ट भी छाती के अन्दर से ही लिया गया। इस तरह दूरबीन द्वारा अन्दर से ही चारों ग्राफ्ट लेकर करने वाली यह राजस्थान की प्रथम सर्जरी है। सामान्यतः एक या दो ग्राफ्ट ही छाती से लेकर सर्जरी की जाती है बाकी के ग्राफ्ट पांव की नसों से लिये जाते है। इस सर्जरी में चारों ग्राफ्ट हार्ट के अंदर से ही लिये है। जो की आज तक किसी ने राजस्थान में इस प्रकार की सर्जरी में नहीं लिये है।

डॉ. ललित ने बताया की इस सर्जरी में मरीज की किसी भी हड्डी को काटा नहीं है। पसलियों के बीच में मात्र एक दो इंच का छेद करके हार्ट की पूर्ण सर्जरी की गई है जो की मरीज की जल्दी रिकवरी सुनिश्चित करती है। साथ ही हार्ट से लिए गये चारों ग्राफ्ट भी मरीज की धमनियों का ज्यादा व गुणवत्तापूर्ण जीवन सुनिश्चित करते है। सामान्यतया पैरों की नसों से लिया गया ग्राफ्ट की लाईफ 10 से 12 साल की होती है व दूसरी और इस प्रकार छाती के अंदर से लिये ग्राफ्ट की लाईफ 20 से 25 साल होती है।

मणिपाल हॉस्पिटल जयपुर के डायरेक्टर रंजन ठाकुर ने बताया की यह राजस्थान का संभवतया पहला मामला है। डॉक्टरों के अनुभव व हॉस्पिटल की विश्वस्तरीय सुविधाओं के कारण ऐसा हो पाया है।

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