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Lucknow : ड्रोन के उपयोग से कृषि क्षेत्र में आयेगी नयी क्रांति: जेपीएस राठौर

लखनऊ : ड्रोन कृषि क्षेत्र का भविष्य है, इससे कृषि क्षेत्र में नयी क्रांति आयेगी। आज ड्रोन से कई प्रकार के कार्य किये जा सकते हैं। यह बातें शनिवार को प्रदेश के सहकारिता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जेपीएस राठौर ने कही। वह सहकारिता भवन में इंस्टीट्यूट ऑफ को-आपरेटिव एण्ड कार्पोरेट मैनेजमेन्ट रिसर्च एण्ड ट्रेनिंग (आईसीसीएमआरटी) की ओर से ‘‘जय किसान, जय विज्ञान-मिशन कृषि शक्ति’’ विषय पर आयोजित संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे।

संगोष्ठी को संबोधित करते हुए जेपीएस राठौर ने कहा कि कृषि क्षेत्र में ड्रोन की उपयोगिता अत्यंत महत्वपूर्ण है। ड्रोन द्वारा फसलों पर नैनो यूरिया, कीट नाशक का छिड़काव कर सकते हैं। जिसका डेमो सहकारिता मंत्री ने ड्रोन से गुलाब जल का छिड़काव करके किया। उन्होंने कहा कि फसलों में कौन-सा रोग लगा है, इसकी जानकारी भी ड्रोन से मिल सकती है।

उन्होंने कहा कि ड्रोन की उपयोगिया तभी सही सिद्ध होगी जब इसको चलाने के लिए प्रशिक्षित ड्रोन पायलट हों। प्रशिक्षित ड्रोन पायलट तैयार करने के लिए आईसीसीएमआरटी में ड्रोन पायलट का पाठ्यक्रम शुरू किया जायेगा।

सहकारिता क्षेत्र में नये सदस्यों को जोड़ने के लिए चलेगा अभियान

सहकारिता मंत्री ने बताया कि सहकारिता क्षेत्र में नये सदस्यों को जोड़ने के लिए पूरे प्रदेश में 01 सितम्बर से 30 सितम्बर 2023 तक सदस्यता महा-अभियान चलाया जायेगा। इसके लिए पूरी रूपरेखा तैयार कर ली गई है। उन्होंने कहा सदस्यता अभियान के दौरान प्रति पैक्स कम से कम 200 सदस्य बनाये तथा एक लाख रुपये शेयर कैपिटल इकट्ठा करें। इससे पैक्स की स्थिति तो मजबूत होगी ही साथ ही सहकारी बैंकों की पूंजी में भी वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि सहकारी समितियों के मजबूत होने से किसानों की आर्थिक स्थिति सुधरेगी तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था में मजबूती आयेगी। इससे सहकारिता क्षेत्र में बहुत बड़ा परिवर्तन आयेगा।

इस अवसर पर सहकारिता मंत्री ने पीसीएफ के 10 मृतक आश्रितों को नियुक्ति पत्र भी वितरित किया।

संगोष्ठी में प्रमुख सचिव सहकारिता बी0एल0 मीणा ने कहा कि 31 मार्च 2024 तक एक लाख सहकारी समितियां बढ़ानी है। उन्होंने कहा कि समितियों के साथ-साथ सदस्यता भी बढ़ायी जायेगी। इसीलिए सितम्बर माह में सदस्यता महा-अभियान चलाया जायेगा।

फार्मगेट टैक्नालॉजी के सीईओ दुष्यन्त त्यागी ने कृषि क्षेत्र में ड्रोन के महत्व एवं आधुनिक तकनीक की उपयोगिता के विषय में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र अन्य क्षेत्रों के मुकाबले काफी पीछे है। मुक्त बाजार का फायदा कृषि क्षेत्र को बहुत कम हुआ है। उन्होंने कहा कि आज कृषि क्षेत्र के डिजटलीकरण की आवश्यकता है। आधुनिक तकनीकि का उपयोग करते हुए सहकारी संस्थायें मिलकर कार्य करेंगी तो सहकारिता के उद्देश्य की पूर्ति शीघ्र होगी।

आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर सलिल गोयल ने कहा कि एक ऐसे प्लेटफार्म की आवश्यकता है, जहां किसानों को सभी जानकारियां एक ही स्थान पर मिल सके। संगोष्ठी का संचालन प्रबंध निदेशक उ0प्र0 को-आपरेटिव बैंक लिमिटेड आर.के. कुलश्रेष्ठ ने किया।

संगोष्ठी में पीसीएफ के चेयरमैन वाल्मीकि त्रिपाठी, अपर अयुक्त एवं अपर निबंधक (बैंकिंग) बी0 चन्द्रकला एवं प्रबंध निदेशक उ0प्र0 को-आपरेटिव यूनियन लि0 श्रीकान्त गोस्वामी उपस्थित रहे।

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