spot_img

Lucknow : असदुद्दीन ओवैसी भारतीय सेना के प्रति संवेदनहीन : स्वाती सिंह

लखनऊ: (Lucknow) उत्तर प्रदेश सरकार की पूर्व मंत्री स्वाती सिंह ने रविवार को एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी के जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ पर केन्द्र सरकार पर हमले को लेकर पलटवार किया है। उन्होंने कहा, ‘मुठभेड़ में शहीद हुए देश के जवानों को श्रद्धांजलि देने के बजाए ओवैसी राजनीति कर रहे हैं। इससे स्पष्ट है कि ओवैसी भारतीय सेना के प्रति संवेदनहीन है। ऐसी तुच्छ राजनीति से उन्हें बाज आना चाहिए।

दरअसल, ओवैसी ने शनिवार को जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाए जाने के चार साल पूरे होने पर एक बयान में कहा था कि ‘हमारे तीन सैनिकों को पाकिस्तान से आए आतंकवादियों ने मार डाला और आप पाकिस्तान के साथ विश्व कप मैच खेलेंगे। इस बात पर क्यों हंगामा नहीं हो रहा, क्योंकि नरेन्द्र मोदी देश के प्रधानमंत्री हैं, भाजपा की सरकार है।’

उन्होंने कहा कि राजनीति अपनी जगह है, लेकिन ऐसा कोई बयान नहीं दिया जाना चाहिए, जिससे सैनिकों का मनोबल गिरे। वे दिन-रात देश की रक्षा में लगे हुए हैं। भारत का हर नागरिक चैन से सोता है, वह इस कारण की हमारी सेना देश के बार्डर पर रातभर जगकर उसकी रक्षा करती है।स्वाती सिंह ने ओवैसी को जवाब देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ कई साहसिक कदम उठाए हैं। प्रधानमंत्री की आतंकवादियों को उनके अंजाम तक पहुंचाने की मुहिम जारी है। आतंकवादियों को शरण देने वालों को भी मुंहतोड़ जवाब दिया जा रहा है। इसके बावजूद औवेसी ऐसे बयान दे रहे हैं, जो बेहद शर्मनाक बात है।

स्वाती सिंह ने कहा कि नरेन्द्र मोदी सरकार ने अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त कर जम्मू-कश्मीर की जनता के लिए विकास की राह खोली है। आज जम्मू और कश्मीर शांति और विकास के मार्ग पर आगे बढ़ रहा है। साथ ही आत्मनिर्भर भारत में अपना योगदान दे रहा है। औवेसी को नरेन्द्र मोदी सरकार के इस साहसिक निर्णय की सराहना करनी चाहिए। शायद उन्हें जम्मू-कश्मीर का विकास रास नहीं आ रहा है। पूर्व मंत्री ने कहा कि सोये हुए को जगाया जा सकता है, सोने का अभिनय करने वालों को नहीं।

Dubai : कतर ने एलएनजी व अन्य उत्पादों का उत्पादन अस्थायी रूप से रोका

दुबई : (Dubai) पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच कतर की सरकारी ऊर्जा कंपनी कतर एनर्जी (West Asia, Qatar's state-owned energy company, Qatar...

Explore our articles