काठमांडू: (Kathmandu) भारत के केदारनाथ में गुरुवार रात को हुए भूस्खलन में एक ही गांव के तीन युवकों की मौत से पूरा गांव तो शोकमग्न है ही, मृतक परिवार पर तो जैसे आफत का पहाड़ टूट पड़ा है। भूस्खलन में जान गंवाने वाले कालीकोट जिले के खाडाचक्र के ही तीन युवक हैं।
तीन महीने पहले ही रोजगार के सिलसिले में केदारनाथ गए खाडाचक्र के 39 वर्षीय प्रकाश ताम्राकार, 32 वर्षीय टेक विश्वकर्मा और 38 वर्षीय देवी विश्वकर्मा की भूस्खलन की चपेट में आने से मौत हो गई है।खाडाचक्र के स्थानीय जनप्रतिनिधि धर्मराज ताम्राकार ने बताया कि मजदूरी करके परिवार का भरण-पोषण करने वाले 3 युवकों की मौत की जानकारी मिलने के बाद परिवार शोक में है। इन तीनों के परिवार में अब ऐसा कोई नहीं है, जो भारत जाकर शव लेकर आ सके।
मृतक टेक विश्वकर्मा की पत्नी ने कहा कि भारत में मजदूरी कर अपनी आय से परिवार का पालन-पोषण करने वाले और कमाने वाले घर के इकलौते थे। मृतक टेक विश्वकर्मा की एक 6 साल की बेटी मनीषा और 4 साल का बेटा आयुष है। पत्नी ने बताया कि 3 दिन पहले ही पति से मोबाइल फोन पर बातचीत हुई। तब उन्होंने तीन महीने बाद दशहरे के पर्व पर पैसा कमाकर घर वापस आने को कहा था लेकिन तीन दिन बाद ही मौत की खबर आ गई। पत्नी ने कहा, “मेरी दुनियां ही अंधकारमय हो गई।” उनके घर में 78 साल के पिता और 70 वर्ष की मां हैं। वे उम्रदराज होने के कारण चल भी नहीं सकते। दोनों अस्थमा से पीड़ित हैं।
ऐसे ही केदारनाथ में नौकरी की तलाश में गए देवी विश्वकर्मा के परिवार की माली हालत भी बहुत अच्छी नहीं है। मृतक विश्वकर्मा के दो नाबालिग बेटों की जिम्मेदारी संभाल रही 30 वर्षीय पत्नी झूमा विक पति की मौत की खबर सुनते ही सदमे से अचेत हो गई हैं। उनके परिवार में अब ना तो कोई कमाने वाला रह गया है और ना ही कोई ऐसा है, जो शव को लाकर उसका अंतिम संस्कार कर सके।


