इंडियन पोर्ट रेल एंड रोपवे कॉर्पोरेशन लिमिटेड के साथ किया गया एमओयू
परियोजना की आधारशिला प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मार्च, 2019 में रखी थी
नई दिल्ली : लोथल (गुजरात) के ऐतिहासिक सिंधु घाटी सभ्यता क्षेत्र में बनाए जा रहे राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर (एनएमएचसी) में ‘भारतीय नौसेना और भारतीय तटरक्षक का उद्भव’ का निर्माण किया जाएगा। इस गैलरी का निर्माण किए जाने के लिए रविवार को गांधीनगर में भारतीय तटरक्षक, भारतीय नौसेना तथा इंडियन पोर्ट रेल एंड रोपवे कॉर्पोरेशन लिमिटेड के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।
रक्षा मंत्रालय के मुताबिक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण एवं रसायन एवं उर्वरक मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया, पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग और पर्यटन राज्य मंत्री श्रीपद येसो नाइक की उपस्थिति में किये गये। दरअसल, केंद्र सरकार पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्रालय के तत्वावधान में लोथल (गुजरात) के ऐतिहासिक सिंधु घाटी सभ्यता क्षेत्र में राष्ट्रीय सामुद्रिक विरासत परिसर (एनएमएचसी) का निर्माण कर रही है। इस परियोजना के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मार्च, 2019 में आधारशिला रखी थी।
मंत्रालय के मुताबिक इसमें एक सामुद्रिक संग्रहालय, लाइट हाउस संग्रहालय, सामुद्रिक थीम पार्क, एम्यूजमेंट पार्क सेंटर शामिल होंगे। एनएमएचसी के निर्माण में भारत की सामुद्रिक विरासत के बारे में जागरुकता का प्रसार करने के लिए नवीनतम प्रौद्योगिकी का उपयोग किया जायेगा। यह परिसर शिक्षा और मनोरंजन वाले दृष्टिकोण को अपनाते हुए प्राचीन से आधुनिक समय तक देश की सामुद्रिक विरासत को प्रदर्शित करेगा।
परिसर में हड़प्पायुगीन ढांचा और जीवनशैली रिक्रिएट करने के लिए लोथल मिनी रिक्रिएशन, 4 थीम पार्क-मेमोरियल थीम पार्क, मेरिटाइम एवं नेवी थीम पार्क, क्लाइमेट थीम पार्क और एडवेंचर तथा एम्यूजमेंट थीम पार्क, हड़प्पा के समय से शुरू आज तक की भारत की सामुद्रिक विरासत को रेखांकित करती हुए 14 गैलरी, राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों की विविध सामुद्रिक विरासत को प्रदर्शित करता हुआ तटीय राज्य पवेलियन आदि जैसी कई नवोन्मेषी और अनूठी विशेषताएं शामिल रहेंगी।


