हमीरपुर: (Hamirpur) जिले की मौदहा कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत शनिवार को एक ग्राम पंचायत अधिकारी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना से परिजनों में कोहराम मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।मौदहा कस्बे के मराठीपुरा मुहाल निवासी अनुज कुमार माथुर (21) बांदा जिले के जसपुरा में ग्राम पंचायत अधिकारी के पद पर तैनात थे। मौदहा से करीब 25 किमी दूरी होने के कारण पंचायत अधिकारी अक्सर अपने घर ड्यूटी के बाद लौट आते थे। इधर काफी दिनों से अनुज मेडिकल अवकाश पर चल रहा था। शनिवार को घर के कमरे में पंचायत अधिकारी का शव फांसी के फंदे पर लटकता देख परिजन हैरान रहे गए।
मृतक की बहन छाया ने बताया कि भाई ने शुक्रवार की रात में खाना खाया और कमरे में सोने चला गया था। सुबह जब देर तक ये अपने कमरे से बाहर नहीं निकले तो मां ने जाकर देखा। कमरे में भाई का शव फांसी के फंदे पर लटका मिला। घटना की सूचना कोतवाली पुलिस को दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। चार बहनों और दो भाईयों के बीच अनुज कुमार माथुर ही ग्राम पंचायत अधिकारी था, जिससे पूरे परिवार का भरण पोषण होता था। अचानक उसके फांसी लगाने से पूरा परिवार स्तब्भ है।
डिपार्टमेंट के एक्शन से परेशान था ग्राम पंचायत अधिकारी
परिजनों ने बताया कि पिता राजेन्द्र माथुर ग्राम पंचायत अधिकारी थे, जिनकी सेवा में रहते मृत्यु हो गई थी। मृतक आश्रित में भाई अनुज कुमार को ग्राम पंचायत अधिकारी के पद पर नौकरी मिली थी। उन्होंने बताया कि अनुज मौजूदा में बांदा जिले के जसपुरा क्षेत्र में तैनात था। इन दिनों वो डिपार्टमेंट की कार्रवाई से काफी परेशान थे, इसीलिए उसने आत्महत्या कर ली है।
मौदहा कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक हेमंत मिश्रा ने शनिवार को दोपहर बताया कि मृतक युवक ग्राम पंचायत अधिकारी था। इन दिनों वो मेडिकल अवकाश पर घर में रह रहा था। पूछताछ में पता चला है कि उसका डिपार्टमेंट ने किन्हीं कारणों से वेतन रोका था। साथ ही ग्राम पंचायत अधिकारी के क्षेत्र में कार्यों को लेकर भी कटौती की गई थी। शायद इसी से परेशान होकर उसने आत्महत्या की है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। मामले की जांच कराई जा रही है।


