चित्तौड़गढ़ : जिला चित्तौड़गढ़ पुलिस की वर्ष 2015 में हुई भर्ती में कांस्टेबल पद पर चयनित जालौर जिले के सुरेश विश्नोई को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपित परीक्षा में फर्जीवाड़ा कर अपनी जगह किसी अन्य को बैठा कर पास हो नौकरी में चयन हुआ था। सुरेश विश्नोई भर्ती परीक्षा में खुद नहीं बैठ अपनी जगह किसी और को बैठा कर पास हुआ था। मामले में डीएसपी बुद्धराज टांक में सदर थाने पर प्रकरण दर्ज कराया है। आरोपित वर्तमान में बाड़मेर जिले के नागाणा थाने में पदस्थापित था।
पुलिस अधीक्षक राजन दुष्यन्त ने बताया कि वर्ष 2018 में कांस्टेबल भर्ती परीक्षा हुई थी। इसमें चयनित दिनेश कुमार विश्नोई का बायोमीट्रिक मिलान परीक्षा के दौरान लिए बायोमीट्रिक से नहीं हुआ था। इस पर एसपी कार्यालय के कांस्टेबल लिपिक जाकीर हुसैन ने सदर चितौडगढ पर प्रकरण दर्ज कराया था। इसमें अभ्यर्थी जालौर के मालवाडा थाना चितलवाना निवासी दिनेश पुत्र मांगीलाल विश्नोई को गिरफ्तार किया गया। पुलिस पूछताछ में उसने अपने स्थान पर अपने भाई गणपत विश्नोई द्वारा परीक्षा देना बताया। इस पर वर्ष 2020 में उक्त प्रकरण के जांच अधिकारी तत्कालीन डिप्टी अमितसिंह ने गणपत पुत्र मांगीलाल विश्नोई निवासी मालवाडा थाना चितलवाना जिला जालौर को गिरफ्तार किया गया। इन दोनों भाइयों ने अनुसंधान के दौरान बताया कि कांस्टेबल सुरेश पुत्र भीखाराम विश्नोई निवासी डेडवा थाना सांचोर जिला जालौर के स्थान पर भी अन्य व्यक्ति ने परीक्षा दी थी। इस पर जांच पुलिस उप अधीक्षक वृत्त चितौडगढ ने की और कांस्टेबल सुरेश कुमार के विवादित हस्ताक्षर की जांच की गई। परीक्षा के दौरान किए हस्ताक्षर और बाद वाले हस्ताक्षर का मिलान नहीं हुआ। इस पर कांस्टेबल सुरेश कुमार के खिलाफ धारा प्रकरण दर्ज किया गया। सदर थानाधिकारी हरेन्द्रसिंह सिंह सौदा के निर्देशन में एएसआई अशोक कुमार, हैड कांस्टेबल जगदीश, बलवन्त सिंह की एक विशेष टीम का गठन किया गया। इस टीम ने शनिवार को डेडवा थाना सांचोर जिला जालोर हाल नागाणा जिला बाडमेर के कांस्टेबल सुरेश कुमार विश्नोई को गिरफ्तार कर लिया, जिससे पूछताछ जारी है।


