चंडीगढ़ : हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने घोषणा की कि अनियमित कॉलोनियों को नियमित करने के लिए अभी तक रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) की शर्त होती थी, लेकिन अब से आरडब्ल्यूए की आवश्यकता नहीं होगी। कॉलोनी का कोई भी व्यक्ति कॉलोनी को नियमित करने के लिए आवेदन करेगा तो उसे अप्रूव कर दिया जाएगा।
मनोहर लाल ने कहा कि सभी 88 शहरी स्थानीय निकायों में सर्वे के आधार पर शहरों में लगभग 46 लाख प्रॉपर्टी आईडी बनाई गई हैं। इन प्रॉपर्टी आईडी से संबंधित जो भी त्रुटियां हैं, उन्हें आगामी एक माह में अधिक से अधिक कैंप लगाकर दुरुस्त किया जाएगा।
मुख्यमंत्री शनिवार को विशेष चर्चा कार्यक्रम के तहत ऑडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रॉपर्टी आईडी के लाभार्थियों के साथ सीधा संवाद कर रहे थे। संवाद के दौरान लाभार्थियों ने प्रॉपर्टी आईडी से संबंधित कठिनाइयों को दूर करने और पूरी प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।
मनोहर लाल ने कहा कि लगभग 46 लाख प्रॉपर्टी आईडी बनाई गई हैं। इनमें से नियमित कॉलोनियों में 36 लाख संपत्तियां पाई गई और अन अप्रूव्ड एरिया या अनियमित कॉलोनियों में 10 लाख संपत्तियां पाई गई। इन प्रॉपर्टी आईडी को नवंबर, 2022 में पोर्टल पर अपलोड किया गया, ताकि संपत्ति मालिक स्वयं अपनी प्रॉपर्टी आईडी को सत्यापित कर सके। हालांकि केवल 1.50 लाख प्रॉपर्टी मालिकों ने ही प्रॉपर्टी आईडी को सत्यापित किया।
मनोहर लाल ने कहा कि प्रॉपर्टी आईडी के विवरण में कुछ सम्पत्तियों की आईडी में त्रुटियां पाई गईं, इस कारण सम्पत्ति धारकों द्वारा आपत्तियां दर्ज करवाई गईं। इन आपत्तियों को दूर करने के लिए शहरों में विशेष कैंप लगा रहे हैं। अभी तक लगभग 8 लाख 35 हजार आपत्तियां प्राप्त हुई हैं। इन आपत्तियों में से 5 लाख 64 हजार आपत्तियां दूर की जा चुकी हैं। गत शनिवार और रविवार दो दिन भी प्रॉपर्टी आईडी की त्रुटियों को ठीक करने के लिए विशेष कैंप लगाए गए थे, जिसमें लगभग 20 हजार आपत्तियां प्राप्त हुई और 19,000 आपत्तियों को ठीक किया जा चुका है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रॉपर्टी आईडी की पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य अवैध कॉलोनी बसाने के परिचालन को समाप्त करना है। इसके लिए सख्त कदम उठाते हुए अनियमित क्षेत्र के अंदर रजिस्ट्रियां बंद करनी पड़ी। रजिस्ट्री बंद करने के बाद अनियमित कॉलोनियां अब आगे नहीं बढ़ रही हैं। अभी तक 2000 कॉलोनियों की और से नियमित करने के आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। इनका सर्वे किया जा रहा है। वर्ष 2016 में लगभग 700 कॉलोनियों को अप्रूव किया था। इस वर्ष में 1000 से अधिक कॉलोनियों को नियमित करने का लक्ष्य रखा है। सर्वे के बाद कॉलोनियों को अप्रूव किया जाएगा। पहले नियमित करने के लिए शर्त थी कि हर कॉलोनी में आरडब्ल्यूए का कोई न कोई स्वरूप होना चाहिए। लेकिन आज से आरडब्ल्यूए की आवश्यकता नहीं रहेगी।
नए सेक्टरों में प्रापर्टी आईडी के साथ बेचे जाएंगे प्लाट
मनोहर लाल ने कहा कि भविष्य में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण द्वारा जब भी नये सेक्टर डेवलप किए जाएंगे, तो प्रारंभ में हर एकड़ या एरिया का अलग नंबर या किला नंबर होगा। लेकिन प्लॉट काट कर बेचे तभी जाएंगे, जब हर प्लॉट की पहले से प्रॉपर्टी आईडी बनी होगी। इसी प्रकार, कोई डेवलपर भी अगर मकान बना कर बेचेगा तो बेचने से पहले कितने मकान बने हैं, उनके हिसाब से सभी की प्रॉपर्टी आईडी पहले से बनाएगा।
उन्होंने कहा कि प्रॉपर्टी आईडी से प्रॉपर्टी की पहचान बनेगी, चाहे प्रॉपर्टी वैध कॉलोनी में हो या अवैध कॉलोनी में। प्रत्येक प्रॉपर्टी को एक नंबर मिलेगा। कई मंजिला मकान बने हुए हैं, उनमें भी हर मंजिल की भी अलग प्रॉपर्टी आईडी होगी, जिसका मालिक अलग है, उसकी प्रॉपर्टी आईडी भी अलग होगी।


