कोटा : शहर में बारां रोड पर गवर्नमेंट कृषि विश्वविद्यालय के सामने शुक्रवार सुबह राजस्थान स्टेट गैस लिमिटेड की पीएनजी गैस की पाइप लाइन क्षतिग्रस्त होने और उसमें से गैस लीकेज से नजदीक के आवासीय क्षेत्रों में हडकम्प मच गया। शनिवार को गेल कम्पनी ने कोटा विद्युत वितरण लिमिटेड (केईडीएल) के खिलाफ बोरखेडा थाने में मुकदमा दर्ज कराया कि बिजली कम्पनी ने बिना अनुमति सड़क पर खुदाई करके मानव जीवन को खतरे में डाल दिया था।
पीएनजी गैस लीकेज की सूचना मिलने पर बोरखेड़ा थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर एहतियात के तौर पर बारां रोड पर वाहनों की आवाजाही को बंद करवाया और वाहनों को वैकल्पिक रास्ते से निकाला। पुलिस ने बोरखेड़ा पेट्रोल पम्प से कृषि विश्वविद्यालय तक करीब एक किलोमीटर का मार्ग सील कर दिया। सूचना पर पुलिस अधिकारी व नगर निगम कोटा उत्तर की अग्निशमन विभाग की टीम एवं राजस्थान स्टेट गैस लिमिटेड की इमरजेंसी टीम मौके पर पहुंची। टीम ने गैस पाइप लाइन में सप्लाई के लिए लगे तीनों वॉल्व को तुरंत बंद करवाया।
गैस रिसाव पर छोटे पत्थर उछले–
पुलिस ने बताया कि पाइप लाइन से लीकेज गैस का प्रेशर इतना तेज था कि गैस के साथ छोटे पत्थर के टुकड़े भी उछल रहे थे। मौके पर दमकल व फायर फाइटिंग टीम तैनात रही। मुख्य अग्निशमन अधिकारी मोहम्मद अजहर खान ने बताया कि निजी बिजली कम्पनी केईडीएल की ओर से केबल डालने के दौरान गैस लाइन क्षतिग्रस्त होने से गैस का रिसाव हुआ।
पाइप लाइन में प्रेशर 20 किग्रा वर्गसेमी–
क्षतिग्रस्त पीएनजी (नेचुरल गैस) लाइन 125 एमएम की थी जिसमें गैस का प्रेशर 20 किग्रा प्रति वर्ग सेमी रहता है। लाइन के वॉल्व बंद करने के बाद भी पाइप लाइन में गैस रहने से करीब डेढ़ घंटे तक गैस का रिसाव होता रहा जो दोपहर में बंद हुआ। सुपरवाइजर एसपी गुप्ता ने बताया कि लाइन में गैस बंद करने के बाद मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया।


