कानपुर : सीएसए की शोधार्थी छात्रा ने एक ऐसा बिस्टिक तैयार किया जिसको मुधमेह रोगी और उक्त रक्तचाप रोगी भी सेवन कर सकेंगे। इस बिस्टिक में कोदो मिलेट्स एवं गेंहू के आटा का प्रयोग किया गया है और जल्द ही नामकरण किया जाएगा। यह जानकारी मंगलवार को डॉ. विनीता सिंह ने दी।
चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) के गृह विज्ञान महाविद्यालय के खाद्य विज्ञान एवं पोषण विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. विनीता सिंह ने बताया कि शोधार्थी छात्रा सूबी ने कोदो मिटेट्स पर शोध कर एक बिस्किट को तैयार किया है। इसे तैयार करने के लिये स्वास्थ्य वर्धक चीजे प्रयोग की गई है। यह विस्किट शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाएगा, क्योंकि कोदो मिलेट्स मे एटिमक्सिडेंट के साथ-साथ फेनोलिक यौगिक-वैनिलिक एसिड, गैलिक एसिड, टैनिन आदि पाये जाते हैं।
उन्होंने बिस्किट तैयार करने की विधि के बारे में बताया कि शोधार्थी द्वारा इस विस्किट को तैयार किया गया है, जिसमें कोदो मिलेट्स एवं गेहूं के आटे का प्रयोग किया गया है। पोषक मान को बनाये रखने के लिये चीनी की जगह गुड़ एवं लो फैट बटर का प्रयोग किया गया है। इसके अलावा इसमें ड्राईफ्रूट्स डाले गये हैं। इसमें बटर की जगह आप देशी घी का प्रयोग भी कर सकते हैं। इस पेस्ट को एक निश्चित तापमान पर रखकर ओवन में बेक किया गया है, जिसके बाद यह बिस्किट तैयार हो जाते हैं। इसे बिना ओवन के कढ़ाई या किसी अन्य गहरे बर्तन में भी तैयार कर सकते हैं। कढ़ाई या वर्तन के आधे भाग में रेत डाल कर गर्म कर लें। इसमें जालीनुमा स्टैंड रखकर उसपर तैयार किये हुए पेस्ट को बिस्किट का आकार दे कर रख दें और ढक्कन बन्द करके धीमी आंच पर 10-15 मिनट के लिये छोड़ दें। इसके बाद ढक्कन खोलकर बिस्किट को पलट का 10 मिनट के लिये छोड़ दे। बिस्किट तैयार हो जायेंगे, इहें बर्तन में निकाल लें।
उन्होंने इसके लाभों के बारे में बताया कि कोदो मिटेटस में एंटी आक्सीडेंट गुण होते हैं जो हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में सहायता करते हैं। इस बिस्किट के सेवन से रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित किया जा सकता है। हाई ब्लड प्रेशर के मरीज भी इसका सेवन कर सकते हैं।
डॉ. विनीता सिंह ने बताया कि इस विस्किट में प्रोटीन, फाइबर, नियासिन, राइबोफ्लेविन जैसे विटामिन एवं कैल्शियम, आयरन, फास्फोरस जैसे खनिज तत्व की अधिक मात्रा होती है। उन्होंने बताया कि इस बिस्किट का सेवन एक निश्चित मात्रा में ही करना चाहिए अधिक सेवन करने से फिर शरीर को नुकसान भी हो सकता है।


