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Mumbai : बिपारजॉय चक्रवात के चलते ठाणे में मछुआरों को सतर्क किया

मुंबई : भारतीय मौसम विभाग द्वारा समय-समय पर प्राप्त पूर्वानुमान के अनुसार जून 2023 में पश्चिमी तट पर अरब सागर में एक निम्न दाब का क्षेत्र बनने तथा इसके अस्त व्यस्त क्षेत्र में बदलने की प्रबल सम्भावना को देखते हुए ठाणे जिला अधिकारी ने तटवर्ती नागरिकों और मछुआरों से मौजूदा खतरे से सतर्क रहने की अपील की है | आज ठाणे जिला के आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं रेजिडेंट डिप्टी कलेक्टर सुदाम परदेशी ने बताया है कि जिले के सभी संबंधित विभागों, मछुआरों व नागरिकों को अलर्ट कर दिया गया है.|

जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने चक्रवात बिपारजॉय और अरब सागर में बन रहे कम दबाव के क्षेत्र के संबंध में नागरिकों और मछुआरों से उचित देखभाल करने की अपील की है. इसके लिए प्राधिकरण की ओर से जरूरी निर्देश जारी किए गए हैं। इसके अनुसार सभी विभाग कंट्रोल रूम को निर्देश दिया गया है कि वे सुनिश्चित करें कि टेलीफोन नंबर सक्रिय हैं।

इसके अलावा वे आपात स्थिति के लिए तुरंत प्रतिक्रिया दें। मछली पकड़ने वाली नौकाओं को तुरंत किनारे पर वापस बुला लिया जाना चाहिए, मछली पकड़ने के लाइसेंस अगली सूचना तक जारी नहीं किए जाने चाहिए, मछुआरों को गहरे समुद्र में जाने से प्रतिबंधित किया जाना चाहिए, मछली पकड़ने के घाटों पर चेतावनी बोर्ड लगाए जाने चाहिए।

आपातकालीन स्थिति को देखते हुए यह भी कहा गया है कि नावों से यात्री यातायात को रोका जाना चाहिए। अगली सूचना तक यात्री यातायात को रोका जाना चाहिए। लाइफ जैकेट, यात्री नावों पर प्लव की उपलब्धता सुनिश्चित करें, सभी समुद्र तट जल क्रीड़ा गतिविधियों को रोकें, पर्यटकों/नागरिकों को समुद्र तट पर जाने से रोकें, चक्रवात की स्थिति में पेड़ों को काटने के लिए कटर, पेड़ों को हटाने के लिए जेसीबी आदि। यह सुनिश्चित करने के लिए ध्यान रखा जाना चाहिए कि आवश्यक उपकरण आसानी से उपलब्ध हैं, मोबाइल टावर गिरने के मामले में वैकल्पिक संचार प्रणाली प्रदान की जानी चाहिए, और मोबाइल टावर की बिजली आपूर्ति विफलता के मामले में टावर साइट पर बिजली जनरेटर प्रदान किया जाना चाहिए।

बिजली आपूर्ति- बिजली वितरण कंपनी को यह योजना बनानी चाहिए कि पेड़ और खंभे गिरने से बिजली की आपूर्ति बाधित होगी, ऐसी स्थिति में पर्याप्त जनशक्ति और सामग्री उपलब्ध होगी। अस्पतालों में एंबुलेंस, आपातकालीन चिकित्सा सुविधाएं तैयार रखी जाएं। सरकारी अस्पतालों के चिकित्सा अधिकारी संबंधित अस्पतालों में उपलब्ध रहें, यह सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए हैं।

बताया जाता है कि निचले इलाकों में भारी बारिश से घरों में पानी घुसने की संभावना रहेगी। इसके लिए उचित उपाय किए जाने चाहिए। यह सुनिश्चित करने के लिए ध्यान रखा जाना चाहिए कि सुरक्षित स्थानांतरण के लिए चुने गए स्थान पर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं। चक्रवात एवं मानसूनी वर्षा के कारण जिले में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने पर पट्टी पर पहुंचने वालों के लिए तत्काल व्यवस्था की जाए। इसके साथ ही चक्रवात एवं मानसून काल में पंजीकृत मछुआरा संगठनों से समन्वय कर आवश्यक कार्यवाही की जाये।

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