पांच दिन की जनसंघर्ष यात्रा के समापन पर पायलट ने जयपुर में जनसभा को किया संबोधित
जयपुर: (Jaipur) पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने सोमवार को अपनी ही सरकार के खिलाफ आंदोलन का ऐलान कर दिया है। उन्होंने सरकार के सामने तीन मांगे रखीं और कहा कि इस महीने के आखिर तक यदि ये मांगें नहीं मानी गईं, तो पूरे प्रदेश में हम आंदोलन करेंगे। अजमेर से शुरू पांच दिन की जनसंघर्ष यात्रा के समापन पर जयपुर में जनसभा को संबोधित करते हुए पायलट ने अपनी ही सरकार और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर खुलकर प्रहार किए।
उन्होंने तीन मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी देते हुए कहा कि मेरी पहली मांग है कि भ्रष्टाचार की जननी राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) को भंग करके इसका पुनर्गठन किया जाए। चेयरमैन और सदस्यों के चयन के लिए नए कानून और मापदंड बने और पारदर्शिता से लोगों का चयन हो। चयन से पहले चेयरमैन और सदस्यों के बैकग्राउंड की जांच की जाए जैसे हाई कोर्ट के जज की होती है। दूसरी मांग में कहा गया है कि पेपर लीक होने से प्रत्येक बच्चे को उसका पूरा मुआवजा मिलना चाहिए। तीसरी मांग में कहा गया है कि वसुंधरा के खिलाफ लगाए गए आरोपों की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।
उन्होंने कहा कि आज 15 मई को जन संघर्ष यात्रा समाप्त हो रही है। अगर इस महीने के आखिर तक यह तीनों मांगे नहीं मानी गई, तो मैं आप लोगों को बताना चाहता हूं कि अभी तक मैंने गांधीवादी तरीके से अनशन किया है। जनसंदेश यात्रा की है लेकिन महीने के आखिरी तक कार्रवाई न होने पर पूरे प्रदेश में आप लोगों के साथ आंदोलन करूंगा। पायलट ने कहा कि गांव-ढाणी, शहरों में बड़ा आंदोलन होगा। न्याय करवाएंगे। हम लोगों के पास कुछ नहीं है। हम तो पैर में जूता डालकर निकल पड़े थे।
मुख्यमंत्री गहलोत पर निशाना साधते हुए कहा कि हम बिना पद के गाली खा-खाकर संगठन के लिए काम कर रहे हैं और आप सत्ता में बैठकर मलाई खा रहे हो। लोग यह सुन लें कि मुझे किसी सीमा में न बांधें, मैं किसी एक धर्म या समाज का नहीं हूं। मैं 36 कौम का बेटा हूं। राजस्थान का बेटा हूं। पायलट ने कहा कि मैं किसी पद पर रहूं या न रहूं। राजस्थान की जनता की सेवा करता रहूंगा। डरने वाला नहीं हूं, दबने वाला नहीं हूं। आपके लिए लड़ा हूं और लड़कर रहूंगा।
पायलट ने कहा कि सब जानते हैं 2013 में कांग्रेस के मात्र 21 विधायक रह गए थे। उस समय मैं केंद्र सरकार का मंत्री था, सोनिया-राहुल गांधी ने मुझे यह कहते हुए जिम्मेदारी दी कि राजस्थान में पार्टी का बहुत बुरा हाल हो गया। आपको पार्टी का अध्यक्ष बनना है। इतिहास गवाह है कि 2013 से 2018 तक हमने पांच सालों में वसुंधरा सरकार का नीतियों के आधार पर कड़ा विरोध किया। वसुंधरा शासन में खुली लूट मची थी। गहलोत सरकार ने भी वसुंधरा पर बढ़-चढ़कर आरोप लगाए थे। साढे चार साल पूरे हो गए। हम अभी तक उन वादों को पूरा ना कर पाए। वसुंधरा ने भ्रष्टाचार किया। मैं डेढ़ साल से सबको चिट्ठी लिख रहा हूं। मुख्यमंत्री जी गृह मंत्री भी हैं, वित्त मंत्री भी हैं। मैंने चिट्ठी में लिखा कि जांच कराओ। हमारी कथनी और करनी में फर्क नहीं होना चाहिए। पक्षपात की भावना से जांच ना हो। दूध का दूध-पानी का पानी होना चाहिए। डेढ़ साल तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। मैंने जयपुर में एक दिन का अनशन रखा। वसुंधरा के भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की, लेकिन कुछ नहीं हुआ। इसके बाद नौ तारीख को मुझे लगा कि अनशन से पार नहीं पड़ेगी, हमें जनता के बीच जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार ऐसा मुद्दा है जो समाज को दीमक की तरह खा रहा है। नौजवानों का भविष्य अंधकार में है। भ्रष्टाचार को समाप्त करना है तो उसपर करारा प्रहार करना पड़ेगा। ग्यारह तारीख को अजमेर से मैंने यात्रा शुरू की। मुझे कुछ पत्रकारों ने कहा कि गर्मी बहुत है। चार-पांच दिन धूप में चलोगे तो बहुत पीड़ा होगी। हमने कहा कि यह कोई पीड़ा नहीं है, लेकिन जो लड़का-लड़की परीक्षाओं के लिए साल दो साल तैयारी करते हैं, कोचिंग करते हैं।
एग्जाम की तैयारी पर लाखों रुपए खर्च करके दे देते हैं, वह पेपर लीक हो जाता है तो वह पीडा मेरी पीडा से कहीं अधिक है। ये बार-बार होता है क्यों होता है, इसकी जड़ पर जाना पड़ेगा। एक पेपर लीक करने वाले के मकान पर बुलडोजर चलता है लेकिन दूसरे पेपर लीक करने वाले आरपीएससी सदस्य कटारा के मकान पर बुलडोजर क्यों नहीं चलता। कानून अपना काम कर रहा है तो पक्षपात नहीं होना चाहिए। मछली अगर छोटी हो या बड़ी, उसको पकड़ना पड़ेगा। मैंने झुंझुनू और नागौर की सभा में कहा था कि यह पेपर लीक होता कैसे है, इसमें भ्रष्टाचार होता है। यह पूरा तंत्र आपको बदलना पड़ेगा। तब कहा गया कि इस पेपर लीक मामले में कोई अधिकारी नेता शामिल नहीं है। मैं पूछना चाहता हूं जांच पूरी हुई नहीं आप घोषणा कर रहे हो कि कोई नेता या अधिकारी शामिल नहीं है। अभी कटारा को आपने अरेस्ट कर लिया। कटारा आरपीएससी के सदस्य किसके कहने पर बने, इसका पता करना पड़ेगा। यह भ्रष्टाचार का मुद्दा नौजवानों को अंधकार में धकेल रहा है
पायलट ने कहा कि हमारा जन संघर्ष किसी नेता के खिलाफ नहीं है। हमारी यात्रा किसी के विरोध में नहीं है, लेकिन आज मैं इस मंच से कहना चाहता हूं। हमारी यात्रा भ्रष्टाचार के खिलाफ है। हमारी यात्रा नौजवानों के भविष्य को बेहतर बनाने के पक्ष में है और हम उसको रोकने वाले नहीं हैं।उन्होंने कहा कि बीस साल से मैं राजनीति कर रहा हूं। जनता की सेवा करने के लिए मुझे भी बड़े बड़े मौके मिले हैं। केंद्र में, राज्य में, सांसद विधायक बहुत सारे पद मिले लेकिन मेरी निष्ठा मेरी ईमानदारी को यह जनता जानती है। हम लोगों के काम करने के तरीके पर मेरा सबसे घोर विरोधी भी उंगली नहीं उठा सकता और यह हमारी कमाई है। यह जनता का विश्वास है। आप कितने भी आरोप लगा लो, कितनी भी चुगली कर लो, कितनी भी अफवाह फैला लो इससे कुछ होने वाला नहीं है। इस यात्रा में बहुत सारे साथी हमारे साथ चले। मैं आप सबको आश्वासित करना चाहता हूं और वादा करना चाहता हूं कि मैं किसी पद पर रहूं या ना रहूं, मैं राजस्थान और नौजवानों की सेवा अपनी आखिरी सांस तक करता रहूंगा।
पायलट ने कहा कि मैं डरने वाला नहीं हूं, मैं आपके लिए लड़ा हूं और लड़ता रहूंगा और यह वादा इस खुले आसमान के नीचे करके जा रहा हूं। प्यार से मांगो हम हाथ काट के दे देंगे, धमका के मांगोगे तो हिलने वाले नहीं हैं। मेरे साथ जो हजारों लोग चले हैं आप नौजवानों के छालों की कसम, मैं अब पीछे हटने वाला नहीं हूं। जो भी कुर्बानी होगी मैं देने को तैयार हूं, जो भी करना होगा मैं करने को तैयार हूं।पायलट ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि कोई दूध और नींबू की सफाई दे रहा है। कोई कह रहा है कि दस बार बात हुई, नहीं हुई। मैंने तो कहा ही नहीं कि मिलीभगत है। सिर्फ यह कह रहा हूं कि जो कहा है, वो कर दो।
इससे पूर्व जनसभा को संबोधत करते हुए मंत्री राजेंद्र गुढ़ा ने कहा कि हमारी सरकार का एलाइनमेंट खराब हो चुका है। भ्रष्टाचार के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। आपके ऑफिस से बिना पैसे कोई फाइल नहीं खिसकती है।’ गुढ़ा ने धारीवाल पर बड़ा तंज किया। कहा- भरतसिंह चिट्ठी पर चिट्ठी लिख रहे हैं। भरतसिंह तीन साल से विधानसभा नहीं आ रहे हैं। भ्रष्टाचार तो धारीवाल और भाया कर रहे हैं। गुढ़ा ने भी दोहराया कि वसुंधरा राजे और अशोक गहलोत की सरकार मिलीजुली है। उन्होंने कहा मुख्यमंत्री कहते है कि बागी कांग्रेस विधायक अमित शाह के पैसे लौटाएं, लेकिन मेरे पास सबूत है भाजपा विधायकों को खरीदने के लिए गहलोत ने कितने पैसे दिए, पहले विधायक वो पैसे लौटाएं। सरकार में खुलेआम भ्रष्टाचार हो रहा है। हमारी सरकार ने भ्रष्टाचार के सारे रिकॉर्ड तोड दिए हैं। पायलट हमारे नेता हैं, जो फैसला आप करेंगे, हम मानेंगे। 2023 का फैसला जनता तय करेगी।
मंत्री हेमाराम चौधरी ने सीएम अशोक गहलोत के आरोपों पर पलटवार किया। मंत्री चौधरी ने कहा मुख्यमंत्री ने जिस तरह के आरोप लगाए हैं, उससे आहत हूं। अगर मुख्यमंत्री पैसे लेने का आरोपित मानते हैं तो मंत्रिमंडल से बाहर कर दें। मुझे मंत्री क्यों बना रखा है? इस यात्रा में नहीं आता तो कहां जाता। हमें बुलाया नहीं था, लेकिन जनता का मूड देख हम आए हैं, हम जनता से दूर कैसे रह सकते हैं। जनसभा में अपने भाषण में मंत्री हेमाराम ने गहलोत को फिर घेरा।
जनसभा में संबोधित करते हुए पूर्व विधानसभा अध्यक्ष और विधायक दीपेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि हमारी सरकार के मंत्रियों पर भी करप्शन के आरोप हैं, सबकी जांच होनी चाहिए। पायलट जब बीजेपी के करप्शन के खिलाफ आवाज उठाते हैं , नौजवान की आवाज उठाते हैं तो कई लोग कहते हैं कि बीजेपी से मिले हुए हैं। चाकसू से विधायक वेद प्रकाश सोलंकी ने कहा कि मुझे रंधावा ने बुलाया और सर्वे दिखाकर कहा कि चाकसू में तो भाजपा बोल रही है। मैंने उनसे कहा कि मेरे यहां बीजेपी बोल रही है, लेकिन जरा ये तो बताओ कि कांग्रेस कहां बोल रही है। नागौर की लाडनूं सीट से विधायक मुकेश भाकर ने कहा कि गहलोत चाहते हैं कि पायलट पार्टी छोड़कर चले जाएं। हम कहीं नहीं जाएंगे। यहीं रहकर इनकी छाती पर मूंग दलेंगे।
इससे पहले पायलट ने ग्यारह मई को अजमेर में आरपीएससी के पास से जनसंघर्ष पद यात्रा शुरू की थी। पांच दिन में 125 किलोमीटर की दूरी तय करके यात्रा जयपुर पहुंची। जनसभा का आयोजन कमला नेहरू नगर अजमेर रोड जयपुर में किया गया। कार्यक्रम में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष नारायण सिंह चौधरी, पीसीसी उपाध्यक्ष राजेन्द्र चौधरी, मंत्री हेमाराम चौधरी, मंत्री राजेन्द्र गुढा, विधायक खिलाड़ी लाल बैरवा, गिर्राज सिंह मलिंगा, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं विधायक दीपेंद्र सिंह शेखावत, विधायक गजराज खटाना, सुरेश मोदी, इंद्राज गुर्जर, वेद प्रकाश सोलंकी, राकेश पारीक, मुकेश भाकर, रामनिवास गावडिया, वीरेंद्र चौधरी, हरीश मीणा, अमर सिंह जाटव, विप्र बोर्ड के अध्यक्ष महेश शर्मा जी, राज्य मंत्री के सी विश्नोई, राज्यमंत्री गोपाल सिंह ईडवा, राजस्थान विश्वविद्यालय के छात्रसंघ अध्यक्ष निर्मल चौधरी एवं प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए किसान, युवा एवं महिला मौजूद रहे।


