उज्जैन: (Ujjain) उज्जैन में कहने को क्षिप्रा का वास है और फिर नदी तो स्वयं में जीवनदायिनी होती है । लेकिन इसके बाद भी यहां जल संकट की आहट सुनाई देने लगी है । अब उज्जैन शहर में नगर निगम (Municipal council) द्वारा एक दिन छोड़कर जलप्रदाय किया जाएगा।
दरअसल, महापौर मुकेश टटवाल ने शुक्रवार को बताया कि शहर की जीवन रेखा गंभीर बांध में अब मात्रा 64 दिन का पानी शेष है, जब एक दिन छोड़कर पानी दिया जाएगा तभी 94 दिन तक हर घर पानी प्रदाय किया जाना संभव है। उन्होंने कहा कि जुलाई माह के प्रथम सप्ताह तक बारिश न होने पर दिक्कत न आए इसीलिए एक दिन छोड़कर शहर में जलप्रदाय शनिवार 23 अप्रैल से किया जाएगा, जोकि एक घंटा रहेगा।
उल्लेखनीय है कि गम्भीर बांध की कुल जलभरण क्षमता 2250 एमसीएफटी है। शहर की जलापूर्ति के लिए बांध से हर दिन 11 एमसीएफटी पानी लिया जाता है।
विपक्ष का आरोप
शहर कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष और नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष रवि राय ने आरोप लगाया है कि शहर में कृत्रिम जल संकट पैदा कर दिया गया है। जिसका कांग्रेस विरोध करती है। गर्मी के दिनों में अतिरिक्त जल की आवश्यकता होती है, फिर महाकाल लोक में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालुओं का आगमन हो रहा है। ऐसी स्थिति में पानी की सप्लाई में कटौती करना निंदनीय कदम है।
उनका कहना यह भी था कि शहर के अधिकांश हैंडपंप बंद पड़े हैं, कुए और बावड़ीओं से जल सप्लाई की कोई व्यवस्था नहीं है। टैंकर पर्याप्त नहीं है। ऐसी स्थिति में एक दिन छोड़कर जल देना उज्जैन के आम लोगों के जीवन में भारी संकट पैदा कर देगा। कांग्रेस का आरोप है कि इस तरह का निर्णय लेने से पूर्व न कोई योजना बनाई गई, न ही सभी पार्षद साथियों से चर्चा की गई है। महापौर मुकेश टटवाल का एकतरफा निर्णय लेना निश्चित रूप से निंदनीय कदम है।


