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Shimla : लोक सेवा आयोग को परीक्षा में कदाचार रोकथाम संबंधी कानून के दायरे में लाया गया

शिमला : हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल ने बुधवार को राज्य के लोक सेवा आयोग को विश्वविद्यालय, बोर्ड और अन्य परीक्षाओं में कदाचार रोकने के लिए बनाए गए कानून के दायरे में लाने का फैसला किया। एक विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गई।

आयोग को ‘हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, बोर्ड या अन्य निर्दिष्ट परीक्षा कदाचार रोकथाम अधिनियम,1984’ के तहत लाने का फैसला इसलिए लिया गया ताकि उम्मीदवारों का निष्पक्ष और पारदर्शी चयन सुनिश्चित हो सके।

कनिष्ठ कार्यालय सहायक (आईटी) का प्रश्नपत्र लीक होने के बाद 21 फरवरी को सरकार ने हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग को भंग कर दिया था और जारी सभी भर्तियों की जिम्मेदारी लोक सेवा आयोग को दे दी थी।

मंत्रिमंडल ने नालागढ़, सरकाघाट, सुंदरनगर और घुमारवीं अनुमंडल के अलावा सभी 11 सिविल एवं सत्र संभागों में ‘गवाह बयान केन्द्रों’ के लिए विभिन्न श्रेणियों के 45 पदों के सृजन को भी मंजूरी दी।

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में 90,362 मनरेगा श्रमिकों, एकल नारी और 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता वाले व्यक्तियों, पंजीकृत रेहड़ी-पटरी वालों और अनाथालयों में रहने वाले बच्चों को आयुष्मान भारत -प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत लाने का भी निर्णय लिया गया।

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