
ठाणे : भ्रष्टाचार निरोधक विभाग में पुलिसकर्मी के तौर पर सेवारत पुलिसकर्मी की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। इस मामले में मोटर अपघात प्राधिकरण के अध्यक्ष एजे मंत्री ने मृत पुलिसकर्मी की पत्नी और उसके छोटे बच्चे को 64 लाख 11 हजार मुआवजा देने का आदेश दिया है। अपने आदेश में उन्होंने कहा है कि बेस्ट और बेस्ट के चालक इस नुकसान की भरपाई करेंगे। इसके साथ स्पष्ट किया गया है कि नुकसान भरपाई का दावा करने की तिथि से लेकर अब तक इस रकम पर सात प्रतिशत के ब्याज की दर से अदायगी करनी होगी।।
श्रुतिका सचिन महाडिक (34), मास्तर अमंग सचिन महाडिक (6) और शुभदा रमेश महाडिक (61) का परिवार कलवा के पारसिकनगर में रहता था। श्रुतिका पुलिस कर्मचारी के तौर पर सेवारत है। महाडीक परिवार की ओर से एडवोकेट प्रदीप टिल्लू और बेस्ट की ओर से वकील नेवार ने मोटर अपघात प्राधिकरण के समक्ष सड़क दुर्घटना में हुई पुलिसकर्मी की मौत को लेकर अपना अपना पक्ष रखा। एड टिल्लू ने प्राधिकरण को बताया कि गत 19 नवंबर 2017 को सबेरे नौ बजकर 50 मिनट पर यह दुर्घटना हुई थी। बाइक से सचिन रमेश महाडिक जा रहे थे। वे पूर्व द्रुतगामी महामार्ग पर कुर्ला की ओर जा रहे थे। भांडुप परिसर में सड़क पर चलने वाली बेस्ट बस पीछे से आई और बाइक को ठोकर मार दी, जिससे उसकी मौत हो गई। उस समय पुलिसकर्मी सचिन रमेश महाडिक का वेतन 36 हजार 930 था। इस आलोक में मृतक पुलिसकर्मी के परिजनों ने 80 लाख रुपए मुआवजे की मांग प्राधिकरण के समक्ष अपने दावे के माध्यम से किया था। मोटर अपघात प्राधिकरण के अध्यक्ष एजे मंत्री ने अपने निर्णय में कहा है कि मृतक पुलिसकर्मी के परिजनों को मुआवजे के तौर पर 64 लाख 11 हजार की रकम दी जाए। निर्णय में कहा गया है कि इस मुआवजे की राशि में से 40 लाख रुपए मृतक पुलिसकर्मी के 6 वर्षीय बेटे के नाम फिक्स्ड डिपॉजिट किया जाएगा । साथ ही 7% ब्याज के तौर पर जिस राशि की प्राप्ति होगी, वह राशि मृतक की मां को दिया जाएगा।


