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Johannesburg: दक्षिण अफ्रीका अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत के साथ साझेदारी में सक्षम : महावाणिज्य दूत महेश कुमार

जोहानिसबर्ग: (Johannesburg) नवनियुक्त महावाणिज्यदूत महेश कुमार (Mahesh Kumar) ने जोहानिसबर्ग में बृहस्पतिवार को आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह में कहा कि दक्षिण अफ्रीका में अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत के साथ साझेदारी करने की क्षमता है।

उन्होंने कहा कि भारत और दक्षिण अफ्रीका विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाएं तलाश रहे हैं, जिनमें विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और शिक्षा भी शामिल हैं।

भारत की पिछले 73 वर्षों की उपलब्धियां साझा करते हुए कुमार ने कहा, “भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष में ले जाने की योजना प्रगति पर है। यह अंतरिक्ष में भारत की पहली मानव युक्त उड़ान होगी। हम इस क्षेत्र में दक्षिण अफ्रीका के साथ सहयोग की संभावनाओं का पता लगाने के लिए तैयार हैं।”

पिछले हफ्ते महावाणिज्यदूत का पद संभालने वाले कुमार ने कहा, “आजादी के बाद हमने गरीबी और अशिक्षा जैसी चुनौतियों का सामना किया है, लेकिन अपनी विविधता के बल पर हम अपने देश को आत्मविश्वास से भरपूर राष्ट्र में तब्दील करने में सफल रहे हैं।”

उन्होंने कहा कि बड़े पैमाने पर कंपनियां भारत को निवेश के पसंदीदा गंतव्य के रूप में देख रही हैं, जिनमें दक्षिण अफ्रीकी कंपनियां भी शामिल हैं।

कुमार ने कहा, “भारत और दक्षिण अफ्रीका अंतरराष्ट्रीय राजनीति में ‘ग्लोबल साउथ’ की आवाज उठाने के लिए एक-दूसरे के साथ सहयोग कर रहे हैं। हम साथ मिलकर विश्व शांति और वैश्विक समृद्धि के सूत्रधार बनने की क्षमता रखते हैं।”

समारोह में ‘प्रवासी सम्मान’ से सम्मानित तीन दक्षिण अफ्रीकी विजेताओं ने भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच मौजूद गहरे संबंधों पर प्रकाश डाला।

वयोवृद्ध कार्यकर्ता और प्रेसीडेंसी में पूर्व मंत्री डॉ. एसोप पहाद ने कहा कि दक्षिण अफ्रीका में भारतीय मिशनों द्वारा आयोजित किसी भी समारोह में शामिल होना हमेशा से सम्मान की बात रही है, क्योंकि भारत के साथ दक्षिण अफ्रीका के संबंध तब से चले आ रहे हैं, जब से महात्मा गांधी इस देश में आए थे।

पहाद की सहयोगी प्रेमा नायडू ने याद किया कि उनके दादा थम्बी नायडू दक्षिण अफ्रीका में संघर्ष के दौरान गांधी के सहयोगी थे। उन्होंने कहा, “भारत ब्रिटिश उपनिवेशवाद से मुक्त होने वाले पहले देशों में से एक था और हम सभी भारत की ओर देखते थे। इन 75 वर्षों में हमने भारत के कुछ महान नेताओं जैसे गांधी, पंडित जवाहरलाल नेहरू, सुभाष चंद्र बोस और कई अन्य लोगों को देखा। दुर्भाग्य से, आज उनके बारे में कुछ नहीं कहा जाता है, लेकिन उन्होंने भारत की आजादी के संघर्ष में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।”

वहीं, ‘प्रवासी सम्मान’ से सम्मानित मोहन हीरा ने कहा कि उन्हें खुशी है कि भारत अब दुनिया के शीर्ष देशों में से एक है।

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