शीतलहर से जनजीवन अस्त-व्यस्त, तापांतर कम होने से गलन बरकरार
इंडिया ग्राउंड रिपोर्ट डेस्क
प्रतापगढ़: (Pratapgarh) एक जनवरी से बिगड़ा मौसम अभी तक पटरी पर नहीं लौटा है। मौसम विभाग ने सोमवार और मंगलवार को घने कोहरे के साथ-साथ भीषम शीतलहर की चेतावनी जारी की थी। मौसम विशेषज्ञों का भी अनुमान था कि बुधवार से थोड़ी राहत मिलनी शुरू हो जाएगी, लेकिन मंगलवार रात भी सोमवार और रविवार की रात वाला मौसम देखने को मिला। मंगलवार की शाम आठ बजते ही घने कोहरे से पूरा आसमान ढक गया। हालत यह हो गई कि सकठ चौथ का व्रत रखने वाली महिलाओं को चांद का दीदार भी नहीं हो पाया। घंटों आसमान में टकटकी लगाने के बाद भी जब चांद नहीं दिखा तो फोन करके दूसरे शहरों में चांद के निकलने की तस्दीक की गई। इसके बाद पुत्रों की सुख-समृद्धि के लिए व्रत रखने वाली महिलाओं ने व्रत का पारण किया।मंगलवार की रात आठ बजे से ही छाया कोहरा बुधवार को दोपहर तक छाया रहा। दिन में एक बार ऐसा लगा कि सांझ ढलते-ढलते सूर्य़देव के दर्शन हो जाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। और, बिना दिखे ही सूर्यदेव अस्त होने के करीब पहुंच गए। इस दौरान मौसम में गलन बरकरार रही। सुबह-सुबह दफ्तर व काम पर जाने वाले लोगों को अपने वाहनों की सभी लाइट जलाकर सफर करना पड़ा।
सनई अनुसंधान केंद्र के मौसम विशेषज्ञ देशराज मीना ने बताया कि मंगलवार को जनपद में न्यूनतम तापमान 5.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जबकि अधिकतम तापमान 17.0 डिग्री सेल्सियस था। बुधवार को न्यूनतम तापमान 6.5 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आज के न्यूनतम तापमान मेंभले ही एक डिग्री का इजाफा हुआ है,लेकिन अधिकतम तापमान तीन डिग्री सेल्सियस की कमी आई है।
बुधवार को सुबह के वक्त अलाव के सामने बैठने के बावजूद ठंड से पीछा नहीं छूट रहा था। सबसे ज्यादा दिक्कत पशुपालकों को हो रही है। ठंड में उनके चारे-पानी का प्रबंध करना, उन्हे छाया के नीचे रखना मुश्किल हो रहा है। इसके अलावा लोगों की दिनचर्या भी बेपटरी हो गई है। तड़के बिस्तर छोड़ने वाले लोग भी सुबह के सात और आठ बजने का इंतजार करने लगे हैं।

दूसरी तरफ समीपवर्ती जनपद प्रयागराज में भी तापमान प्रतापगढ़ के मुकाबले थोड़ा राहतभरा है, लेकिन कोहरे और ठंडी हवाओं का कहर वहां भी बरकरार है। मंगलवार को प्रयागराज का भी न्यूनतम तापमान छह डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम के जानकार और इलाहाबाद विश्वविद्यालय में भूगोल विभाग के प्रो. एआर सिद्दीकी ने बताया कि पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी का असर अभी आने वाले कुछ दिनों तक और बना रहेगा। खिचड़ी के बाद से न्यूनतम तापमान धीरे-धीरे इजाफा होगा और न्यूनतम और अधिकतम के सामान्य स्थिति में आने पर लोगों को शीतलहर से राहत मिलनी शुरू हो जाएगी।


