बदलापुर : बदलापुर सेंट्रल रेलवे के उपनगरीय रेलवे का मुख्य आय वाला रेलवे स्टेशन हैं। इसके बावजूद बदलापुर के रेल यात्रियों को आवश्यक सुविधाओं का अभाव है,जिसके चलते रेल यात्री अपने आपको परेशान व असुरक्षित सा महसूस कर रहा है। बदलापुर की समस्या को दूर करने के लिए प्रवासी संघटनों ने स्थानीय विधायक किसन कथोरे व सांसद कपिल पाटील से पत्रव्यवहार भी किया है, परंतु स्थिति में कुछ सुधार नहीं दिखाई दे रहा हैं। बता दें कि बदलापुर से प्रतिदिन करीबन दो लाख लोगों का आना-जाना लोकल से रहता हैं। प्रतिदिन रेलवे को मोटी रकम की कमाई भी होती हैं।इसके बावजूद बदलापुर रेलवे स्टेशन पर असुविधाओं की भरमार है।
प्लेटफॉर्म नंबर एक व दो पर शौचालय तक की व्यवस्था नहीं
बदलापुर पश्चिम में होम प्लेटफार्म का कार्य कछुआ गति से चल रहा है।स्टेशन पर 16 एवीएम टिकट मशीन हैं। उसमें से 7 ही चल रही हैं। स्टेशन पर तीन पदचारी रेलवे उड़ान पुल बनाया गया हैं। जिससे रेल यात्री आते जाते हैं। पुल इतना संकरा हैं कि सुबह- शाम को न चाहते हुए भी रेल यात्री को अपनी जान को जोखिम में डालकर सरेआम लाइन पार करने को मजबूर होना पड़ता हैं। रेलवे लाइन पार करते समय तेज गति से आ जा रही गाड़ी से दुर्घटनाओं की भी संम्भावना हैं। पार्किंग की सुविधा नहीं हैं।प्लेटफॉर्म नंबर एक व दो पर शौचालय तक की व्यवस्था नही हैं। इस स्टेशन से सैकड़ों दिव्यांग लोग भी आते-जाते हैं। स्वचालित सीढी (एक्सीलेटर) न होने के कारण उन्हें काफी परेशानी होती हैं।
बदलापुर रेलवे स्टेशन के मुख्य बुकिंग पर्यवेक्षक मुकेश गौतम ने बताया कि 5 नई मशीन आई हैं। उसमें कुछ पार्ट चेन्नई से आने वाला है। साथ ही अन्य बंद स्वचालित टिकट मशीन को बनाने के लिए वरिष्ठों को सूचित किया गया है। इन मशीनों के टिकट रोल न मिलने से काफी परेशानी होती हैं।अनुमान है कि 15 दिन में पूरा हो जाएगा।


