मरम्मत से सड़कों का गड्ढा बना खतरा।
उल्हासनगर: (Ulhasnagar) शहर में धड़ल्ले से हो रहे पानी के अवैध नलों को जोड़ने अथवा पाइप की मरम्मत करने वाले ठेकेदारों के कारण शहर के विभिन्न इलाकों की सड़कों पर बड़े बड़े गड्ढे खोदे गए हैं। इन गड्ढों के कारण आये दिन दुर्घटना होने की संभावना बनी रहती है। इसलिए स्थानीय सामाजिक संगठनों ने ठेकेदारों द्वारा इन गड्ढों को तत्काल भरने की मांग किया है। इस विषय को गंभीरता से लेते हुए अतिरिक्त आयुक्त जमीर लेंगरेकर ने पानी के पाइप की मरम्मत के लिए सड़क पर गड्ढा खोदने वाले ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई करने की चेतावनी दी है।महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण विभाग की अनुमति के बिना ही बड़े पैमाने पर उल्हासनगर शहर के विभिन्न इलाकों में पानी का कनेक्शन अथवा मरम्मत कार्य के लिए सड़क पर गढ्ढा खोदा जा रहा है। और काम पूरा होने के बावजूद भी खोदे गए गड्ढों को भरे बिना ही ठेकेदार काम करके चले जाते है। जिसका खामियाजा नागरिकों जान या अपाहिज होकर चुकाना पड़ता है।
दो महीने से जगह-जगह मनपा खोद कर रखा है गड्ढा
शहर के पूर्व निखिलेश्वर परिसर से गजानन नगर जाने वाली सड़क पर मानस नर्सिंग होम के सामने पिछले दो महीने से जगह-जगह गड्ढा खोद कर रखा हुआ है। यह गड्ढा कब भरा जायेगा कोई निश्चित समय नहीं है। परन्तु अगर कोई भयानक हादसा हो कर किसी की मौत होती है। तो तुरंत गहरी नींद में सोई मनपा प्रशासन नींद खुलेगा। तब तक हादसे का शिकार हुए व्यक्ति के परिवार का संसार उजड़ चूका होता है। लोग कितना गैर जिम्मेदार व्यवहार करते है। ऐसी शिकायत सामाजिक कार्यकर्ता राज असरोंडकर ने किया है। ठेकेदार की जिम्मेदारी है कि काम होने के बाद गड्ढों को तत्काल भरवाएं। अन्यथा काम करने वाले ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई किया जायेगा। और मनपा के हद में गड्ढा खोदने के काम का अनुमति लिया जाय। ऐसी अपील अतिरिक्त आयुक्त जमीर लेंगरेकर ने स्थानीय नागरिकों से किया है।


