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Prayagraj : कोविड-19: एसआरएन और बेली में 100-100 बेड सुरक्षित, स्वास्थ्य विभाग ने परखी तैयारी

Prayagraj: Kovid-19: 100-100 beds secured in SRN and Bailey, health department tests preparations

आलोक गुप्ता
प्रयागराज: (Prayagraj)
प्रदेश सरकार के निर्देश पर आज स्वास्थ्य विभाग ने कोविड-19 के मद्देनजर अपनी तैयारियों का जायजा लिया। स्वास्थ्य विभाग के द्वारा मंगलवार को एसआरएन, तेज बहादुर सप्रू चिकित्सालय (बेली), रेलवे हास्पिटल, सीएचसी कोटवा समेत जनपद के सभी अस्पताल में मॉक ड्रिल किया गया। मॉक ड्रिल के दौरान चिकित्सकों ने ऑक्सीजन की व्यवस्था, वेंटीलेंटर, दवा, वैक्सीन, मास्क की उपलब्धता की जानकारी ली।

जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीणांचल तक में स्थित अस्पतालों मेंकिए गए मॉक ड्रिल के दौरान जिम्मेदार पदों पर आसीन डाक्टरों, पैरा मेडिकल स्टाफ से हर वक्त सक्रिय रहने और संसाधनों को सक्रिय रखने की हिदायत दी गई है। विशेष रूप से आवश्यकता पड़ने पर आक्सीजन व वेंटिलेटर की व्यवस्था को हमेशा दुरुस्त रखने केलिए निर्देशित किया गया है।

कोविड से मुकाबले के लिए एसआरएन हास्पिटल में 100 बेड का हास्पिटल लगभग सप्ताहभर पहले ही तैयार करलिया गया था। इसके बाद बेली में भी 100 बेड के अस्पताल का इंतजाम किया गया है। आज मॉक ड्रिल के दौरान सीएमओ समेत सभी स्वास्थ्य अधिकारियों ने उक्त व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
सीएमओ डॉ. नानक सरन ने बताया कि कोरोना मरीजों के लिए एसआरएन और बेली में 100-100 बेड के हास्पिटल की स्थापना की गई है। दोनों अस्पतालों में आवश्यक दवाओं का इंतजाम करने के साथ-साथ डाक्टर व पैरा मेडिकल स्टाफ की डयूटी लगाई गई है। पूरे विभाग कोहर समय एलर्ट रहने के लिए कहा गया है। निरीक्षण के दौरान सीएमओ के साथ डा. आलोक, डॉ. आशू पांडेय, एसीएमओ डॉ. निशा सोनकर समेत विभिन्न अस्पतालों के स्थानीय डाक्टर मौजूद रहे।Prayagraj: Kovid-19: 100-100 beds secured in SRN and Bailey, health department tests preparations

मोबाइल,सर्विलांस टीम सक्रिय करने का निर्देश
दूसरी तरफ जिलाधिकारी संजय कुमार खत्री ने सोमवार को कोविड की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक की। जिलाधिकारी ने सर्विलांस, मोबाइल सैंपलिंग, रैपिड रिस्पांस टीम को सक्रिय करने का निर्देश दिया। कहा, बाहर से आने वाले यात्रियों की जांच का इंतजाम किया जाए। इसके अलावा अस्पताल में दवा, कंसंट्रेटर, वेंटिलेटर सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की जांच के लिए निर्देशित किया है। आक्सीजन प्लांट की क्रियाशीलता परखने, अस्पताल में मैन पावर बढ़ाने, पैरामेडिकल स्टाफ को पुनः प्रशिक्षित कराने के लिए कहा है। इसके अलावा जिलाधिकारी ने फ्रंटलाइन वर्कर को चिन्हित करते हुए उन्हे बूस्टर डोज लगाने का निर्देश दिया है।

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