
नयी दिल्ली: (New Delhi) राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (Executive Committee of the National Mission) (एनएमसीजी) की कार्यकारिणी समिति ने 2700 करोड़ रुपये से अधिक की 12 परियोजनाओं को मंजूरी प्रदान की जो उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में जलमल एवं जल निकासी से जुड़े बुनियादी ढांचे के विकास से संबंधित हैं।जल शक्ति मंत्रालय के एक बयान के अनुसार, राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी) की कार्यकारिणी समिति की 46वीं बैठक 23 दिसंबर को मिशन के महानिदेशक जी अशोक कुमार की अध्यक्षता में हुई। इसमें गंगा की सहायक नदियों पर विशेष ध्यान देते हुए लगभग 2700 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई ।
इसमें उत्तर प्रदेश में 3 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई, जिनमें से 475.19 करोड़ रुपये की लागत वाली एक परियोजना प्रयागराज में जलमल निकासी के बुनियादी ढांचे के विकास से संबंधित है।इसके अलावा बिहार में दाउदनगर और मोतिहारी कस्बों के लिए क्रमशः 42.25 करोड़ रूपये और 149.15 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से एक-एक परियोजना को मंजूरी दी गई।मंत्रालय के बयान के अनुसार, पश्चिम बंगाल में आदि गंगा नदी के संरक्षण के लिए 653.67 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से एक बड़ी परियोजना को मंजूरी दी गई।
इस बयान में कहा गया है कि उत्तराखंड और बिहार के लिए वर्ष 2022-23 हेतु वनरोपण कार्यक्रम को भी मंजूरी दी गई।एनएमसीजी की कार्यकारिणी समिति की बैठक में पांच राज्यों के लिए ‘गंगा नदी के तटों के संरक्षण और क्षेत्र के आर्थिक विकास के साथ-साथ लोक वानस्पति उद्देश्यों के लिए कौशल विकास कार्यक्रमों के माध्यम से पुष्प विविधता का वैज्ञानिक अन्वेषण’ नामक परियोजना को भी मंजूरी दी गई।


