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MUMBAI : पहली छमाही में राज्यों का सामूहिक पूंजीगत व्यय मात्र 2.2 प्रतिशत बढ़ा

MUMBAI : Collective capital expenditure of states increased by only 2.2 percent in the first half

मुंबई: (MUMBAI) चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में 18 राज्यों के पूंजीगत खर्च में सिर्फ 2.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। हालांकि, इस अवधि में इन राज्यों का सामूहिक राजस्व घाटा एक साल पहले की समान अवधि में घटकर एक-चौथाई रह गया है।

इक्रा रेटिंग्स ने 18 बड़े राज्यों के आंकड़ों के विश्लेषण के आधार पर कहा कि इसका मतलब है कि 2022-23 के बजट लक्ष्य को पूरा करने के लिए इन राज्यों को दूसरी छमाही में पूंजीगत व्यय में 57 प्रतिशत की बड़ी बढ़ोतरी करनी होगी। इन 18 राज्यों ने सामूहिक रूप से 6.2 लाख करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय का बजट लक्ष्य रखा है।इक्रा रेटिंग्स ने कहा कि इन राज्यों ने चालू वित्त वर्ष में सामूहिक रूप से अभी तक सिर्फ 1.59 लाख करोड़ रुपये खर्च किए हैं। यह सालाना आधार पर सिर्फ 2.2 प्रतिशत की वृद्धि है।चालू वित्त वर्ष के पहले छह माह में इन राज्यों का राजस्व घाटा कम होकर 30,000 करोड़ रुपये रह गया है। इससे पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह 1.3 लाख करोड़ रुपये था।

एजेंसी ने अपने नोट में कहा कि पहली छमाही में इन राज्यों का सामूहिक पूंजीगत व्यय सालाना आधार पर मात्र 2.2 प्रतिशत बढ़ा है। जबकि राज्यों ने अपने बजट में ऊंची 37.8 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान दिया था। ऐसे में इस लक्ष्य को पाने के लिए इन राज्यों को दूसरी छमाही में पूंजीगत व्यय में बड़ी 57 प्रतिशत की वृद्धि करने की जरूरत होगी।नोट में जिन 18 राज्यों का जिक्र किया गया है उनमें आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, पंजाब, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और प. बंगाल शामिल हैं।

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