
इलेक्ट्रिक और सीएनजी वाहनों से मोहभंग
ठाणे : ठाणे प्रादेशिक परिवहन कार्यालय द्वारा उपलब्ध जानकारी से इस बात की पुष्टि हो रही है कि लोग प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की खरीदी को ही वरीयता दे रहे हैं। यही वजह है कि दशहरा से दिवाली के दौरान अब तक सबसे अधिक संख्या में पेट्रोल और डीजल वाहनों की खरीदी हुई है। वही प्रदूषण नहीं फैलाने वाले इलेक्ट्रिक व सीएनजी वाहनों की खरीदी में ऐसी किसी भी तरह की उत्सुकता नहीं देखी गई। इससे साफ है कि पेट्रोल डीजल की महंगाई के बाद भी इस पर चलने वाले वाहनों के प्रति लोगों का आकर्षण बना हुआ है।
ठाणे प्रादेशिक कार्यालय से उपलब्ध जानकारी के अनुसार 5 अक्टूबर से लेकर 28 अक्टूबर तक की अवधि में कुल सात हजार 682 वाहनों का पंजीकरण कराया गया है। बताया जाता है कि पेट्रोल और डीजल का मूल्य पहले की अपेक्षा 2 गुना होने के बाद भी लोग इस पर चलने वालों वाहनों की खरीदी को विशेष प्राथमिकता दे रहे हैं। बताया गया है कि पेट्रोल पर चलने वाले 5 हजार 4 33 गाड़ियां की खरीदी हुई। और उसका प्रादेशिक परिवहन कार्यालय में पंजीकरण भी कराया गया है।
सीएनजी पर चलने वाले वाहनों की खरीदी के प्रति विशेष उत्सुक ठाणेकर
ठाणेकरों ने इलेक्ट्रिक और सीएनजी पर चलने वाले वाहनों की खरीदी के प्रति विशेष उत्सुकता नहीं दिखाई है। वाहन खरीदी के ग्राफ से भी इस बात की पुष्टि हो रही है। दशहरा से दिवाली के दौरान खरीदे गए 7 हजार 682 वाहनों में से 5433 वाहन पेट्रोल वाले हैं। इसको लेकर स्वयं वाहन विक्रेताओं का भी कहना है कि लोगों में जागरूकता की कमी है। यही वजह है कि वे पेट्रोल डीजल से चलने वाले वाहनों को अधिक पसंद कर रहे हैं । उन्हें सोचना चाहिए कि इलेक्ट्रिक या सीएनजी से चलने वाले वाहनों से कितना फायदा है। परंतु वे उसकी परवाह नहीं कर रहे हैं । जो निश्चित तौर पर चिंता का विषय है । आरटीओ विभाग के अधिकारियों का मानना है कि वाहन खरीदारों को सजग होने की आवश्यकता है। ठाणे आरटीओ कार्यालय का कहना है कि इस बार दशहरा से दिवाली के दौरान 5433 पेट्रोल वाहन, 855 डीजल वाहन , 337 सीएनजी वाहन, 514 सीएनजी प्लस पेट्रोल वाहन और 398 इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीदी ठाणेकरों ने की है।


