
झोपड़ाधारकों को वन प्लस वन के एवज में घर मिले
ठाणे : झोपडपट्टी पुनर्वासन योजना में झोपड़ाधारकों के साथ न्याय हो, ऐसी मांग भाजपा के पूर्व नगरसेवक कृष्णा पाटिल ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और राज्य के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से की है। उन्होंने मांग की है कि कलस्टर की तर्ज पर ही झोपडपट्टी पुनर्वसन योजना अंतर्गत झोपड़ाधारकों को वन प्लस वन के एवज में घर मिले। कृष्णा पाटिल का कहना है कि जहां क्लस्टर योजना में वन प्लस वन झोपडाधारकों को अलग-अलग घर दिए जाते हैं तो वहीं झोपड़पट्टी विकास योजना में ऐसा लाभ नहीं दिया जाता है।जो झोपड़ाधारकों के साथ अन्याय है।उन्होंने योजना की विषमता को दूर करने का आग्रह राज्य सरकार से किया है। उन्होंने मांग की है कि झोपड़पट्टी पुनर्वासन योजना में भी वन प्लस झोपडाधारकों को घर मिले । इस समय ठाणे शहर में क्लस्टर योजना चालू है।
क्लस्टर योजना में 325 वर्ग फुट का मिलता है घर
इस योजना का लाभ नागरिकों को मिल रहा है। इसके साथ-साथ ठाणे शहर में एसआरए प्रकल्प भी शुरू है,लेकिन इस प्रकल्प में ऐसा लाभ झोपड़ाधारकों को नहीं दिया जा रहा है। जो सरासर अन्याय है । इस भेदभाव को दूर करने की मांग को लेकर पूर्व नगरसेवक कृष्णा पाटिल ने राज्य के मुख्यमंत्री शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मांग की है कि योजना में पाई जाने वाली इस विषमता को दूर किया जाए। क्लस्टर के तरह झोपडपट्टी पुनर्वसन की विविध योजनाओं में भी वही लाभ झोपड़ा धारकों को मिले।
कृष्णा पाटिल का कहना है कि झोपड़पट्टी पुनर्वासन योजना में जहां झोपड़ाधारकों को 300 वर्ग फुट क्षेत्रफल का घर दिया जाता है तो वही क्लस्टर योजना में 325 वर्ग फुट का घर मिलता है।
वर्ष 2000 के पूर्व के लाभार्थियों को फ्री में दिया जाता है घर
झोपड़पट्टी पुनर्वसन प्राधिकरण की ओर से केवल तल मजला पर बने झोपड़ों के एवज में ही घर मिलता है। लेकिन क्लस्टर योजना में तल मजला से अधिक जितना भी उतना घर या फ्लैट नागरिकों को दिया जाता है।झोपड़ाधारकों के लिए पात्रता का जहां तक सवाल है तो झोपडपट्टी पुनर्वसन प्राधिकरण की ओर से वर्ष 2000 के पूर्व के लाभार्थियों को घर फ्री में दिया जाता है। वही 1 जनवरी 2018 तक के लाभार्थियों को निर्धारित रकम भरना पड़ता है। लेकिन कलस्टर में शुरुआत में वर्ष 2014 तक के लाभार्थियों को शामिल किया गया था। अब इसे बढ़ाकर वर्ष 2019 तक कर दिया गया है । साथ ही शर्तों में भी काफी शिथिलता दी गई है।
मुंबई के संदर्भ में जो जीआर घोषित किया जाता है उसमें ठाणे का भी समावेश हो
कृष्णा पाटिल ने मांग की है कि यही नियम झोपड़पट्टी पुनर्वासन योजना में भी लागू किया जाए। ताकि आम नागरिकों को इसका लाभ मिले। उन्होंने मांग की है कि झोपडपट्टी पुनर्वसन प्राधिकरण को लेकर मुंबई के संदर्भ में जो परिपत्रक या जीआर घोषित किया जाता है उसमें ठाणे का भी समावेश कर दिया जाना चाहिए। इससे समय की बचत होगी। वैसे भी अलग से जीआर निकालने के बाद उसमें 2 से 3 साल का समय यूं ही चला जाता है। पाटिल ने राज्य सरकार से मांग की है कि झोपड़पट्टी पुनर्विकास योजना में भी क्लस्टर की तरह ही लाभ प्रदान किया जाए। मुख्यमंत्री शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को लिखे निवेदन में कृष्णा पाटिल ने कहा है कि यदि राज्य सरकार ठाणे शहर को लेकर इस संदर्भ में निर्णय लेती है तो यह झोपड़ाधारकों के लिए वरदान के समान होगा।


