मेघालय रेल लाइन परियोजना के विरोध को कहा दुर्भाग्यपूर्ण
शिलांग : मेघालय के एनिमल हसबेंडरी एवं वेटरनरी मिनिस्टर एलेग्जेंडर लालू हेक ने कहा है कि मेघालय में इनर लाइन परमिट की व्यवस्था से बेहतर मेघालय रेजिडेंट्स सेफ्टी एंड सिक्योरिटी एक्ट को लागू करना है। ये बातें मंत्री हेक ने आज यहां एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान कही।
मंत्री ने कहा कि इस एक्ट के जरिए राज्य के प्रत्येक होटल, गेस्ट हाउस, स्टे होम आदि के लिए यह आवश्यक है कि उनके यहां ठहरने वाले हर एक व्यक्ति का विवरण नजदीक के थाने में उपलब्ध कराएं। मंत्री ने कहा कि इस कानून के जरिए मेघालय में आने वाले हर व्यक्ति की पहचान आसानी से हो जाएगी।
वहीं, दूसरी ओर मंत्री हेक ने कहा कि इनर लाइन परमिट मेघालय जैसे राज्य में लागू करना मुश्किल है। क्योंकि, मेघालय होते हुए बहुत सारे राष्ट्रीय राजमार्ग गुजरते हैं। इन राजमार्गों से होते हुए लोग सिलचर, मिजोरम मणिपुर नगालैंड आदि राज्यों में जाते हैं। ऐसे में राष्ट्रीय राजमार्ग पर होकर गुजरने वालों से इनर लाइन परमिट मांगना उचित नहीं है। क्योंकि, किसी भी अन्य राज्य में ऐसा नहीं होता है कि किसी भी भारतीय नागरिक को उस राज्य की सड़क से होकर गुजरने के लिए किसी इनर लाइन परमिट की आवश्यकता होती हो।
वहीं, दूसरी ओर मंत्री हेक ने मेघालय को रेल लाइन से जोड़ने का स्थानीय सामाजिक संगठनों द्वारा किए जा रहे विरोध को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। मंत्री ने कहा कि सड़क मार्ग से आने की वजह से आवश्यक वस्तुओं की कीमतें मेघालय पहुंचकर काफी बढ़ जाती है। वहीं, रेल नेटवर्क होने से रेलमार्ग से कम ढुलाई खर्च पर सभी वस्तुएं मेघालय तक पहुंच सकेगी। मंत्री ने कहा कि यदि मणिपुर, मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश जैसे राज्यों में रेल का नेटवर्क जुड़ सकता है तो मेघालय में क्यों नहीं। उन्होंने कहा कि मेघालय के रेल नेटवर्क से जुड़ने से राज्य के गरीब लोगों का काफी फायदा होगा।


