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RS Pura : जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटने के बाद पश्चिमी पाकिस्तानी शरणार्थी परिवारों को मिली सही मायने में आजादी: उपराज्यपाल

आरएस पुरा : पश्चिमी पाकिस्तानी शरणार्थी परिवारों से भेंट वार्ता करने तथा उनकी समस्याओं को सुनने के मकसद से जम्मू कश्मीर सरकार द्वारा शुरू किए गए कार्यक्रम की सोमवार को सुचेतगढ़ क्षेत्र के गांव चकरोई से शुरुआत हुई। इस मौके पर जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा मुख्य तौर पर उपस्थित रहे।

इसके अलावा मंडलाआयुक्त जम्मू रमेश कुमार, डीडीसी चेयरमैन जम्मू भारत भूषण, बेस्ट पाकिस्तानी रिफ्यूजी नेता लबा राम गांधी, जिला आयुक्त जम्मू सहित काफी संख्या में पश्चिमी पाकिस्तानी शरणार्थी परिवार एवं क्षेत्र के सरपंच, पंच एवं अन्य लोग भी उपस्थित रहे। इससे पहले जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल की तरफ से विभिन्न सरकारी विभागों की तरफ से युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के मकसद से चलाई जा रही योजनाओं के बारे में जानकारी देने के लिए लगाए गए स्टालों का जायजा लिया गया।

इस अवसर पर पश्चिमी पाकिस्तानी शरणार्थी परिवारों से मुलाकात करने के उपरांत जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि केंद्र तथा जम्मू कश्मीर सरकार जम्मू कश्मीर में रहने वाले पश्चिमी पाकिस्तानी शरणार्थी परिवारों की मांगों को लेकर काफी गंभीर है। यही कारण है कि सरकार द्वारा इन परिवारों की समस्याओं को करीब से जानने के लिए एक शुरुआत की गई है जिसके तहत आज आरएस पुरा क्षेत्र में इस कार्यक्रम का आयोजन हुआ है। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि केंद्र सरकार शरणार्थी परिवारों को इंसाफ दिलाने के लिए पवित्र नियत के साथ काम कर रही है।

उपराज्यपाल ने कहा कि शरणार्थी परिवारों को उनकी जमीनों का मालिकाना हक देने के लिए सरकार पूरी तरह से गंभीर है और इसके लिए प्रयास भी लगातार जारी हैं। उपराज्यपाल ने कहा कि केंद्र सरकार ने जम्मू कश्मीर से धारा 370 तथा 35 ए हटाकर पश्चिमी पाकिस्तानी शरणार्थी परिवारों को अधिकार देने का काम किया और देखा जाए तो इन परिवारों को वर्ष 2019 में 5 अगस्त को ही सही आजादी मिली थी क्योंकि पहले पश्चिमी शरणार्थी परिवारों के पास वोट डालने का अधिकार तक नहीं था। लेकिन अब सरकार ने उन्हें अधिकार देने का काम किया है।

उन्होंने कहा कि सरकार ने इन परिवारों को मुआवजा देने की भी शुरुआत कर दी है और जो परिवार रह गए हैं उन्हें भी जल्द सरकार की तरफ से मुआवजा दिया जाएगा। उपराज्यपाल ने कहा कि जम्मू-कश्मीर सरकार बेहतर तरीके के साथ काम करने का प्रयास कर रही है और सरकार द्वारा जम्मू कश्मीर में पंचायत स्तर पर चलाए गए बैक टू विलेज कार्यक्रम के तहत प्रदेश के लगभग 64 हजार युवाओं को आत्मनिर्भर बनाया गया है। उन्होंने कहा कि पहले की सरकारों की तरफ से जम्मू कश्मीर में जो विकास के लिए पैसा भेजा जाता था वह आधे से भी कम पहुंचता था लेकिन अब जो पैसा केंद्र सरकार द्वारा भेजा जा रहा है वह लोगों पर खर्च हो रहा है।

उपराज्यपाल ने तारबंदी के आगे आई जमीनों का किसानों को मिलने वाले मुआवजे की बात का जिक्र करते हुए कहा कि जम्मू कश्मीर सरकार इस मांग से भलीभांति परिचित है और उम्मीद है कि सरकार जल्द इस पर भी कोई फैसला लेगी और किसानों को उनकी जमीनों का मुआवजा दिया जाएगा। इससे पहले रिफ्यूजी नेता लबा राम गांधी ने उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के प्रयासों की सराहना की और कहा कि शरणार्थी परिवारों ने पिछली सरकारों के दौरान अपने हकों के लिए काफी जद्दोजहद की लेकिन केंद्र की भाजपा सरकार ने उन्हें हक देने का काम किया है। उन्होंने कहा कि आज सरकार सीधे तौर पर शरणार्थी परिवारों के बीच पहुंच रही है और उन्हें हक देने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाने के बाद ही शरणार्थी परिवारों को सही मायने में आजादी मिली। इस कार्यक्रम के दौरान डीडीसी सुचेतगढ़ तरनजीत सिंह टोनी, बीडीसी चेयरमैन तरसेम कुमार शर्मा, बीडीसी चेयरमैन तरसेम सिंह, सरपंच सुरजीत चौधरी सहित काफी संख्या में शरणार्थी परिवार तथा जनता प्रतिनिधि मौजूद रहे।

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