
जबरदस्त नुकसान में आईपीओ निवेशक
नई दिल्ली : (New Delhi) देश की सबसे बड़ी समुद्री क्रूज ऑपरेटर कंपनियों में से एक वाटरवेज लेज़र टूरिज्म लिमिटेड (Waterways Leisure Tourism Limited) के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट ने जबरदस्त गिरावट के साथ एंट्री कर अपने आईपीओ निवेशकों को करारा झटका दिया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 808 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई में इसकी लिस्टिंग 14.60 प्रतिशत डिस्काउंट के साथ 690 रुपये के स्तर पर और एनएसई में 15.72 प्रतिशत डिस्काउंट के साथ 681 रुपये के स्तर पर हुई।
लिस्टिंग के बाद हुई लिवाली के कारण कंपनी के शेयर उछल कर 722.70 रुपये के स्तर तक पहुंचे। वहीं बिकवाली का दबाव बनने पर इसने 658 रुपये के स्तर तक गोता भी लगाया। बाजार में लगातार जारी लिवाली और बिकवाली के बीच दोपहर 1 बजे तक कारोबार होने के बाद कंपनी के शेयर 663 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहे थे। इस तरह अभी तक के कारोबार में आईपीओ निवेशकों को प्रति शेयर 145 रुपये यानी 17.95 प्रतिशत का नुकसान हो चुका है।
वाटरवेज लीजर टूरिज्म लिमिटेड (Waterways Leisure Tourism Limited) का 5850 करोड़ रुपये का आईपीओ 23 से 25 जून के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से फीका रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 1.53 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (qualified institutional buyers) (QIBs) के लिए रिजर्व पोर्शन 0.72 गुना सब्सक्राइब हुआ था।
इसी तरह नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (non-institutional investors) (NIIs) के लिए रिजर्व पोर्शन में 1.23 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसके अलावा रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 4.40 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 72,40,099 नए शेयर जारी किए गए हैं। आईपीओ के जरिये जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी लीज पेमेंट करने, एक्सपैंशन प्लान को पूरा करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।
वाटरवेज लेज़र टूरिज्म लिमिटेड की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (draft red herring prospectus) (DRHP) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत में लगातार उतार चढ़ाव होता रहा है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 122.73 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ था। हालांकि अगले वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी 168.19 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाने में सफल रही। इसके बाद पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का शुद्ध लाभ घट कर 52.14 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में उतार चढ़ाव के बावजूद बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 452.15 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 597.68 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। इसके बाद अगले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी की राजस्व प्राप्ति घट कर 586.99 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गयी। इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ भी लगातार बढ़ता गया। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 5.18 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 30.44 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। इसी तरह पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के अंत तक कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ उछल कर 101.90 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया था।
इसी तरह ईबीआईटीडीए (Earnings Before Interest, Taxes, Depreciation and Amortization) के स्तर में भी उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2023-24 में ईबीआईटीडीए 111.15 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 215.46 करोड़ रुपये और 2025-26 में घट कर 117.48 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।



