
नई दिल्ली : (New Delhi) उच्चतम न्यायालय ने मेघालय में अपने पति की हत्या में आरोपित सोनम रघुवंशी (Sonam Raghuvanshi) को मिली जमानत पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। जस्टिस एमएम सुंदरेश (Justice MM Sundaresh) की अध्यक्षता वाली वेकेशन पीठ ने सोनम रघुवंशी को नोटिस जारी किया।
मेघायल सरकार ने दायर याचिका में सोनम रघुवंशी को ट्रायल कोर्ट से मिली जमानत को उच्च न्यायालय से बरकरार रखने के आदेश को चुनौती दी है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि सोनम रघुवंशी को रिहा कर दिया गया है, इसलिए उच्च न्यायालय के आदेश पर रोक नहीं लगा रहे हैं, लेकिन उसको नोटिस जारी कर रहे हैं। उच्चतम न्यायालय ने इस बात पर आपत्ति जताई कि उच्च न्यायालय ने सिर्फ इस आधार पर जमानत के आदेश को बरकरार रखा कि अरेस्ट मेमो में संबंधित धारा में त्रुटि थी।
सुनवाई के दौरान मेघालय सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल (Solicitor General) (SG) तुषार मेहता ने कहा कि उच्च न्यायालय ने जमानत को बरकरार रखकर कानूनन गलती की है। मेहता ने कहा कि सोनम रघुवंशी (Sonam Raghuvanshi) और उसका पति मेघायल में हनीमून के लिए गया था। वहां पूरी योजना के तहत पति की हत्या कर दी गई। सोनम रघुवंशी ने अपने पति की हत्या घाटी में की और उसके शव को खाई गिरा दिया। इस मामले में तीन सहयोगी थे। हत्या कर सोनम रघुवंशी भाग गई और उसे उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया गया। एसजी ने कहा कि उच्च न्यायालय ने जिस वजह से जमानत दी वो एक टाइपिंग की गलती थी। उन्होंने कहा कि सोनम रघुवंशी के भागने का खतरा है।



