नई दिल्ली : चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने जजों की नियुक्ति के लिए कॉलेजियम प्रणाली का बचाव किया है। सुप्रीम कोर्ट के नव नियुक्त दो जजों- जस्टिस उज्जवल भुईयां और जस्टिस एसवी भट्टी के सम्मान समारोह में चीफ जस्टिस ने कहा कि इन दोनों की जज के तौर पर नियुक्ति दर्शाती है कि यह दिल्ली या महाराष्ट्र का सुप्रीम कोर्ट नहीं है, यह देश का सुप्रीम कोर्ट है।
सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन की ओर से आयोजित कार्यक्रम में चीफ जस्टिस ने कहा कि जजों की नियुक्ति के लिए सिफारिश करते वक़्त कॉलेजियम का मकसद यही रहता है कि हम भारत की विविधता को समेट सकें। यहां महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल से ताल्लुक रखने वाले दो जज हरियाणा से जुड़े मामले पर फैसला लेते हैं। यही सुप्रीम कोर्ट की खासियत है। चीफ जस्टिस ने कहा कि लोगों के विश्वास को जीतने के लिए जरूरी है कि सुप्रीम कोर्ट में विविधता बनी रहे। लोग न्यायपालिका पर विश्वास करना शुरू कर देंगे, जब वो फैसला सुनाने वाले जजों में अपनी छवि देखेंगे।


