नई दिल्ली : (New Delhi) केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (Central Consumer Protection Authority) (सीसीपीए) ने दिल्ली के पांच रेस्तरां मखना डेली, जेरो कोर्टयार्ड, कैसल बारबेक्यू, चायोस और फिएस्टा बाय बारबेक्यू नेशन के खिलाफ कार्रवाई की है। इन रेस्तरां ने दिल्ली होई कोर्ट के आदेश के बावजूद अनिवार्य सेवा शुल्क की वापस नहीं किया।
उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के तहत इन्हें नोटिस जारी किए गए हैं। इनको सेवा शुल्क की राशि वापस करने का निर्देश दिया गया है।
सीसीपीए ने 04 जुलाई 2022 को होटल और रेस्तरां में सेवा शुल्क के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए थे। ये दिशा-निर्देश उपभोक्ता हितों की रक्षा के लिए बनाए गए हैं। इनमें कहा गया है कि कोई भी होटल या रेस्तरां सेवा शुल्क को स्वतः या डिफ़ॉल्ट रूप से बिल में नहीं जोड़ेगा। साथ ही, सेवा शुल्क का संग्रह किसी अन्य नाम से नहीं किया जाएगा।
उपभोक्ताओं को स्पष्ट रूप से बताया जाना चाहिए कि सेवा शुल्क वैकल्पिक है और यह उनकी इच्छा पर निर्भर करता है। इसके अलावा, उपभोक्ताओं के प्रवेश या सेवाओं के प्रावधान पर सेवा शुल्क के संग्रह के आधार पर किसी भी प्रकार का प्रतिबंध नहीं लगाया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि 28 मार्च 2025 को दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court) ने सीसीपीए के सेवा शुल्क संबंधी दिशा-निर्देशों को बरकरार रखा। इसके बाद, सीसीपीए को राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (National Consumer Helpline) (1915) के माध्यम से कई शिकायतें प्राप्त हुईं। इन शिकायतों में कहा गया कि कुछ रेस्तरां बिना पूर्व सहमति के अनिवार्य सेवा शुल्क लगा रहे हैं। सीसीपीए का गठन उपभोक्ता अधिकारों के उल्लंघन, अनुचित व्यापार प्रथाओं और गलत विज्ञापनों के मामलों को विनियमित करने के लिए किया गया है।


