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New Delhi: भावनात्मक रूप से परिपक्व होना एक कलाकार के काम में झलकता है: रणबीर कपूर

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New Delhi

नयी दिल्ली:(New Delhi) रणबीर कपूर (Ranbir Kapoor) का मानना है कि एक कलाकार का भावनात्मक रूप से परिपक्व होना उसके काम में झलकता है। उन्होंने कहा कि पिछले तीन साल में उन्होंने जो उतार-चढ़ाव देखे हैं उससे उनमें एक कलाकार के तौर पर आए बदलावों को समझने में उन्हें अभी समय लगेगा।

अभिनेता (40) के पिता ऋषि कपूर का कैंसर से अप्रैल 2020 में निधन हो गया था। वह पिछले साल अदाकारा आलिया भट्ट के साथ शादी के बंधन में बंधे और नवंबर में उनकी बेटी राहा का जन्म हुआ। उन्होंने कहा कि इन सभी क्षणों ने उन्हें जिंदगी को बेहतर तरीके से समझने का मौका दिया।

रणबीर ने ‘पीटीआई-भाषा’ को दिए एक साक्षात्कार में कहा, ‘‘किसी की भी जिंदगी में अपने माता-पिता में से किसी को खोना एक बेहद मुश्किल पल होता है। जब आप 40 (वर्ष) के आसपास होते हैं तब अकसर ऐसा होता है… आप इसके लिए कभी खुद को तैयार नहीं कर सकते। हालांकि ऐसे समय में आपका परिवार करीब आ जाता है। इससे आपको जिंदगी को समझने का मौका मिलता है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘उससे कई अच्छी और बुरी बातें निकलकर सामने आती हैं… मैं एक बेटी का पिता बना। पिछले साल ही मेरी आलिया से शादी हुई। कई उतार-चढ़ाव भी आए लेकिन यही तो जिंदगी है।’’

अभिनेता ने कहा कि भावनात्मक रूप से उनमें जो बदलाव आए हैं, उसे अपनी कला में ढालने में अभी उन्हें कुछ वर्ष लग सकते हैं।

रणबीर आखिरी बार फिल्म ‘ब्रह्मास्त्र: पार्ट वन शिवा’ में नजर आए थे। उनकी आने वाली फिल्म ‘तू झूठी मैं मक्कार’ आठ मार्च को बड़े पर्दे पर रिलीज होगी।

फिल्म रिलीज पर अभिनेता ने कहा, ‘‘ वैश्विक महामारी के बाद लोगों का फिल्मों को लेकर नजरिया बदला है। लोग एक्शन फिल्मों, ‘स्पेशल इफेक्ट’ फिल्मों को लेकर उत्साहित हैं, लेकिन यह एक रोमांटिक-कॉमेडी है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ मैं देखना चाहता हूं कि क्या दर्शक अब भी इसे मौका देते हैं या नहीं। यह फिल्म जगत के लिए भी जरूरी है क्योंकि इसके चलने पर ही इस विषय की फिल्में आगे बनती रहेंगी, नहीं तो हम केवल एक्शन फिल्मों को ही सिनेमाघरों के लिए बनाएंगे। कई बार लोग एक रोमांटिक-कॉमेडी देख अच्छा समय बिताना चाहते हैं। इसलिए ही मुझे लगता है कि लोगों को यह पसंद आएगी।’’