
मुंबई : (Mumbai) महाराष्ट्र सरकार (Maharashtra government) ने बच्चों के स्वास्थ्य की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) सरकार ने राज्य के सभी स्कूलों के 500 मीटर के दायरे में ‘स्टिंग’ एनर्जी ड्रिंक की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन मंत्री नरहरि जिरवाल (Food and Drug Administration Minister Narhari Zirwal) ने शुक्रवार को विधानसभा में इसकी घोषणा करते हुए कहा कि जल्द ही विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा।
संबंधित दुकानदार होगा जिम्मेदार
नरहरि जिरवाल ने कहा कि यदि स्कूल परिसर या उसके आसपास छात्रों के लिए हानिकारक खाद्य पदार्थों अथवा कैफीनयुक्त पेय पदार्थों की बिक्री होती पाई गई तो संबंधित दुकानदारों और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अभिभावकों, शिक्षकों, प्रधानाचार्यों और स्थानीय निकायों से भी ऐसी गतिविधियों की सूचना खाद्य एवं औषधि प्रशासन को देने की अपील की है।
विक्रम पचपुते के सवाल का जवाब
विधानसभा में विधायक विक्रम पचपुते (MLA Vikram Pachpute) के प्रश्न के उत्तर में मंत्री ने बताया कि अप्रैल 2025 से मई 2026 के बीच स्टिंग एनर्जी ड्रिंक के 27 नमूनों की जांच की गई, जिनमें 10 निर्धारित मानकों के अनुरूप पाए गए। वहीं, विभिन्न ब्रांडों के 115 एनर्जी ड्रिंक नमूनों में 63 मानक के अनुरूप, एक सब-स्टैंडर्ड और छह मिसब्रांडेड पाए गए, जबकि शेष नमूनों की जांच जारी है।
रायगढ़, नासिक, यवतमाल और पुणे में नई लैब
मंत्री ने यह भी बताया कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांच व्यवस्था को मजबूत करने के लिए राज्य में वर्तमान तीन प्रयोगशालाओं के अलावा रायगढ़, नासिक, यवतमाल और पुणे में नई लैब स्थापित की जाएंगी। साथ ही, पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) (Public-Private Partnership) मॉडल के तहत 22 अतिरिक्त प्रयोगशालाएं विकसित की जाएंगी, ताकि खाद्य सुरक्षा संबंधी जांच में तेजी लाई जा सके।



