सुरक्षा के मद्देनजर घाटाें पर तैनात किए गए सुरक्षाकर्मी
मीरजापुर : ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को गंगा दशहरा पर्व पर जनपद भर के गंगा घाटों पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। गंगा स्नान के बाद भक्तों ने शिवालयों में भक्ति भाव से दर्शन पूजन किया। इसके बाद महिलाओं और बच्चों ने दुकानों से खरीदारी की। हर-हर गंगे, जय मां गंगे के जयघोष से गंगा घाट गूंजता रहा। शाम को नगर के पक्का घाट पर गंगा आरती की गई।
अपर जिलाधिकारी वित्त व राजस्व शिव प्रताप शुक्ला, एसडीएम सदर चंद्रभानु सिंह आदि ने पक्काघाट सहित अन्य घाटों में निरीक्षण करके तैयारियों का जायजा लिया।
नगर में नारघाट, नारायण घाट, पक्का घाट, संकठाघाट, बदलीघाट, सुंदरघाट, बरियाघाट, कचहरी घाट के साथ ही विंध्याचल के पक्काघाट सहित जनपद भर के घाटों पर गंगा स्नान किया। भोर में चार बजे से ही स्नानार्थियों की भीड़ आनी शुरू हो गई थी। सुबह आठ बजे तक नगर व आसपास के स्नानार्थी आ गए थे, लेकिन उसके बाद ग्रामीण अंचल से महिलाओं की भीड़ पहुंचने लगी। दोपहर बाद तक भीड़ थी। स्नान के बाद महिलाओं ने घाट स्थित मंदिरों में पूजन-अर्चन किया। बरियाघाट स्थित आंवला के पेड़ का भी पूजन किया। नगर के संकट मोचन मंदिर, पंचमुखी महादेव, बरियाघाट के श्रीराम मंदिर, शुक्लहा में हनुमान मंदिर, कचहरी पेट्रोल पंप के पास जालपा देवी, इमामबाड़ा के हनुमान मंदिर समेत सभी देवालयों में तड़के से ही पूजा- पाठ के साथ घंट- घड़ियाल बज रहे थे। श्रद्धालुओं ने स्वेच्छा से अन्न व पैसों का दान किया। पड़री क्षेत्र के चंडिकाधाम मंदिर में भी महिलाओं ने स्नान करके मां चंडिका देवी का विधिवत पूजन अर्चन किया। सुबह से महिलाएं गंगा घाट पर पहुंचने लगी। दिन भर स्नार्थियों की लाइन लगी थी। कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर भोगांव स्थित उत्तर वाहिनी गंगा घाट पर दर्शन पूजन किया। सीखड़ ब्लाक स्थित मेडिया घाट, सीखड़, प्रेमापुर, शीतलाधाम के गंगा घाटों पर स्नानार्थियों ने गंगा स्नान किया।
भागीरथ के प्रयास से धरती पर आईं गंगा
मान्यता है कि राजा सागर के पुत्रों का उद्धार करने के लिए राजा भागीरथ हजारों साल तपस्या करके गंगा को स्वर्ग लोक से धरती पर लाए थे। भागीरथ के प्रयास से गंगा शिव की जटाओं से होती हुई जब धरती पर आई तो आज के दिन ही वह ब्रह्मकुंड़ पर पहुंची थी और भगीरथ के पुरखों का उद्धार किया था। ज्योतिषाचार्य डा. रामलाल त्रिपाठी ने बताया कि सनातन धर्म में गंगा दशहरा त्योहार का काफी महत्व है। गंगा दशहरा यानी मां गंगा के स्वर्ग से धरती पर आने का दिन है। मां गंगा की पूजा करने से लोगों पर उनकी असीम कृपा होती है एवं मनुष्य को सभी पापों से मुक्ति मिल जाती है।


