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Jhansi : रैगिंग में संलिप्तता छात्र के जीवन को तबाह कर सकती है: डीआईजी

बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में रैगिंग जागरूकता कार्यशाला प्रारंभ

झांसी : बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के गांधी सभागार में प्रॉक्टीरियल बोर्ड द्वारा रैगिंग जागरूकता सप्ताह के उद्घाटन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डीआईजी, झांसी, जोगेंद्र कुमार ने कहा कि रैगिंग एक दंडनीय अपराध है और रैगिंग में शामिल छात्रों को जुर्माना और कारावास का सामना करना पड़ सकता है। छात्रों को इसकी गंभीरता का अनुमान बाद में होता है तब तक सुधार का समय निकल जाता है।

बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मुकेश पाण्डेय ने कहा कि शैक्षणिक संस्थान ज्ञान के केंद्र हैं, व्यक्तित्व निर्माण की कार्यशाला है और समाजोपयोगी नागरिक निर्माण के केंद्र हैं। छात्रों को राष्ट्र निर्माण के लक्ष्य को ध्यान में रखकर सकारात्मक की ओर अग्रेषित होना चाहिए। गुरु का जीवन में विशेष महत्व होता है। रैगिंग को मनोरंजन मनाने की भूल अंधकार की ओर ले जा सकती है।

कुलपति ने बताया कि किसी भी छात्र को किसी भी तरह की अगर कोई समस्या है, तो विश्वविद्यालय के प्रॉक्टोरियल बोर्ड से अपनी समस्या साझा कर सकता है एवं विश्वविद्यालय के संबंधित अधिकारियों को अवगत कर सकता है। विशिष्ट अतिथि झांसी एसपी राजेश एसजी ने कहा कि पुलिस समाज में अपराधियों को पकड़ने के लिए है लेकिन जब छात्र एक अपराधी के रूप में सामने आता है तो बहुत दुख होता है। जो समय जीवन को बेहतर बनाने के लिए इस्तेमाल होना चाहिए उसे तबाह होते देखने से हमें भी दुख होता है कोई नहीं देखना चाहता।

कार्यक्रम संयोजक चीफ प्रॉक्टर आरके सैनी ने अपने स्वागत उद्बोधन में कहा कि प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सभी सदस्य छात्रों की हर प्रकार की समस्या के समाधान के लिए 24 घंटे उपलब्ध है। किसी भी छात्र को अगर किसी भी प्रकार की परेशानी छात्रावास यह शैक्षणिक परिसर में आती है तो वह तुरंत प्रॉक्टोरियल बोर्ड को सूचित करें। आभार उपकुलानुशासक एवं आचार्य प्रोफेसर पुनीत बिसारिया ने एवं संचालन डॉ शुभांगी निगम ने किया।

इस अवसर पर प्रो डीके भट्ट, प्रो अर्चना वर्मा, प्रो सौरभ श्रीवास्तव, डॉ विनीत कुमार, डॉ काव्या दुबे, डॉ ममता सिंह, डॉ एपीएस गौर, डॉ सुनील त्रिवेदी, डॉ प्रेमप्रकाश राजपूत, डॉ मुहम्मद नईम, डॉ राधिका चौधरी, डॉ विजय यादव, डॉ रश्मि सिंह, डॉ संतोष पांडेय, डॉ अमरजोत, डॉ राहुल शुक्ला, डॉ श्वेता पांडेय, डॉ सचिन उपाध्याय, डॉ कमल गुप्ता, डॉ मुकेश कुशवाह आदि उपस्थित रहे।

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