जकार्ता (इंडोनेशिया) : (Jakarta) इंडोनेशिया में चक्रवात ने कहर बरपाया है। देश के सुमात्रा द्वीप के तीन प्रांतों में भूस्खलन और बाढ़ से कम से कम 61 लोगों की मौत हो गई। राहत और बचाव अधिकारियों को सिबोल्गा, नॉर्थ और साउथ तपानुली (North, and South Tapanuli) में प्रभावित समुदायों तक पहुंचने में भारी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। भूस्खलन से कई जगहों पर मुख्य रास्ते बंद हो चुके हैं।
द जकार्ता पोस्ट के अनुसार, बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित सुमात्रा द्वीप पर गुरुवार को सैकड़ों लोग फंस गए। तूफान ने हजारों लोगों को घरों से भागने पर मजबूर कर दिया। अधिकारियों ने बताया कि चक्रवात इंडोनेशिया के सबसे पश्चिमी इलाके से गुजरा। इस दौरान कम से कम 61 लोगों की मौत हो गई और 100 से अधिक व्यक्ति लापता हैं।
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (National Disaster Management Authority) ने बताया कि द्वीप के उत्तरी हिस्से में मदद पहुंचाने के लिए हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल करना पड़ा। प्रभावित क्षेत्र में आवागमन और संचार का साधन ठप हो गया है। सारे इलाके में बिजली न होने से अंधेरा छा गया है। पुलिस अधिकारी फेरी वालिंटुकन (Police officer Ferry Walintukan) ने कहा कि उत्तरी सुमात्रा प्रांत में 43 लोगों की मौत हो जाने की सूचना मिली है। बाकी इलाकों के अधिकारियों ने बताया कि पश्चिमी सुमात्रा में नौ और द्वीप के उत्तर-पश्चिमी सिरे पर आचेह प्रांत में नौ लोग मारे गए।
सुमात्रा इंडोनेशिया के पश्चिमी भाग में स्थित बड़ा द्वीप है। यह मलय द्वीपसमूह (Malay Archipelago) का हिस्सा है। यह दुनिया का छठा सबसे बड़ा द्वीप है और मलाया जलडमरूमध्य के ठीक पश्चिम में स्थित है। यह लंबाई में फैला हुआ है और इसका पश्चिमी तट हिंद महासागर की ओर है। बरिसान पर्वत और कुछ ज्वालामुखी भी यहां स्थित हैं। बचाव अधिकारियों ने आज सुबह बताया कि सुमात्रा में बाढ़ और भूस्खलन की वजह से इस सप्ताह कम से कम 84 लोगों की मौत हो गई है और दर्जनों लोग लापता हैं।



