चित्तौड़गढ़:(Chittorgarh) शहर की सदर थाना पुलिस ने दो पिस्तौल और सात जिंदा कारतूस के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी हलवाई का काम करता है। इसी की आड़ में वह मध्यप्रदेश से अवैध हथियार लाकर राजस्थान में बेचने लगा। इसके खिलाफ पुलिस ने आर्म्स एक्ट में प्रकरण दर्ज कर लिया और पूछताछ जारी है।
जानकारी में सामने आया कि चित्तौड़गढ़ सदर थाना पुलिस को मुखबिर से अवैध हथियार एमपी से भीलवाड़ा की और ले जाने की सूचना मिली थी। इस पर सीआई हरेंद्रसिंह सौदा के निर्देश पर ओछड़ी टोल नाका पर एएसआई अमरसिंह, हेड कांस्टेबल हीरालाल, कांस्टेबल बबलू, विनीत कुमार और मनोहर सिंह ने नाकाबंदी शुरू की। इस दौरान निंबाहेड़ा की तरफ से एक बिना नंबर की पिकअप आती हुई दिखाई दी।
पुलिस ने देखा कि पिकअप में चालक के अलावा दो अन्य लोग भी बैठे मिले। पुलिस जांच में सामने आया कि चालक महाराष्ट्र का रहने वाला था और चंडीगढ़ की ओर जा रहा था। इस दौरान उसने बीच रास्ते में दो सवारियों को बैठा लिया। तलाशी लेने पर ड्राइवर और एक अन्य व्यक्ति के पास कुछ नहीं मिला। एक और व्यक्ति बैठा था, जिसने अपना नाम कानपुरा, आसींद, भीलवाड़ा निवासी सुरेश पुत्र रामलाल गुर्जर बताया। इसकी तलाशी लिए जाने पर उसके पैंट के नीचे कमर में दो पिस्तौल और सात जिंदा कारतूस मिले। पुलिस अन्य व्यक्तियों को छोड़कर सुरेश को डिटेन कर थाने लाई। लाइसेंस के बारे में पूछा तो सुरेश में कोई भी लाइसेंस नहीं होना बताया।
आरोपी ने बताया कि इन दिनों उसकी पत्नी अपने मूल गांव आसींद में रहती है लेकिन एमपी के धार जिले के कानून गांव में रहकर वो हलवाई का काम करता है। वहीं पर उसके माता-पिता भी रहते हैं। सुरेश ने पूछताछ के दौरान बताया कि हलवाई का काम करने के दौरान वह किसी के संपर्क में आ गया था और वही से हथियार खरीदने और बेचने का काम करने लगा। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी पहले भी एक बार हथियार राजस्थान लेकर आया था।
इस बार भी एमपी के खरगोन से उसने सस्ते दाम में पिस्तौल खरीदी और भीलवाड़ा ले जाकर बेचने वाला था। किसी को शक ना हो इसलिए उसने एक गाड़ी में लिफ्ट लेकर जा रहा था। पुलिस ने सुरेश के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। वहीं, जिससे पिस्तौल खरीदी उसको नामजद कर आगे की जांच शुरू कर दी है।


