https://youtu.be/_akQQ_Igev8
अमर की अम्माअकबर की अम्मीऐन्थॉनी की मम्मीइन सब में भलेलाख बातअलग होकहीं रंगकहीं रूपकाफ़रक होपर फिर भीइनमेंजोएक बातकॉमन हैवो‘माँ’का मन है
आशिमा जैनमुंबई
https://youtu.be/dyvqW1ms0O8
'वो जो तुझको,मुझको जोड़ता था'
Intro, एक रोज कोंचा दिआज किसी दुखी और उदास प्रेतात्मा की तरह उनके जीवन में आ खड़ी हुई। तोमास की...
https://youtu.be/dZRYt6iaCUI
'मोम की जि़ंदगी घुला करना'
मैं तो उनके सामने अभी तक बच्ची ही हूं। वे कहती थीं... तुम्हारे भीतर एक सूनापन है मेरे बच्चे... तुम्हारे...