
कोलकाता : (Kolkata) आरजी कर मेडिकल कॉलेज (RG Kar Medical College) की प्रशिक्षु चिकित्सक से दुष्कर्म और हत्या के मामले में अब विसरा (आंतरिक अंगों के नमूनों) से कथित छेड़छाड़ का नया आरोप सामने आया है। पीड़िता के परिवार ने सियालदह अदालत का रुख करते हुए एक पूर्व फोरेंसिक अधिकारी के पत्र के आधार पर आरोपों की सीबीआई से जांच कराने की मांग की है। परिवार का दावा है कि उन्हें मई में दो बार एक गुमनाम पत्र मिला था। पत्र लिखने वाले ने खुद को बेलगाछिया स्थित राज्य फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (State Forensic Science Laboratory in Belgachia) का पूर्व कर्मचारी बताया है। परिवार के अनुसार, पत्र में आरोप लगाया गया है कि फोरेंसिक विश्लेषण के लिए सुरक्षित रखे गए पीड़िता के विसरा नमूनों से राज्य फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला में कथित तौर पर छेड़छाड़ की गई। साथ ही, केंद्रीय फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला और सीबीआई को भेजे गए नमूने भी मूल नहीं थे। पत्र में राज्य फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (State Forensic Science Laboratory) के तीन अधिकारियों का नाम लेकर उन पर नमूनों में कथित हेरफेर का आरोप लगाया गया है। हालांकि, परिवार ने सार्वजनिक रूप से उन अधिकारियों के नाम उजागर नहीं किए हैं और मीडिया ने भी उनकी पहचान प्रकाशित नहीं की है।




