
मुंबई : (Mumbai) भीषण गर्मी से जूझ रहे महाराष्ट्र के लोगों (People in Maharashtra) को फिलहाल राहत मिलती नजर नहीं आ रही है। पहले अनुमान लगाया जा रहा था कि 20 जून तक राज्य में मानसून सक्रिय हो जाएगा, लेकिन अब इसके आगमन का इंतजार और बढ़ गया है। मौसम विभाग (Meteorological Department) के अनुसार 24-25 जून के आसपास कोंकण क्षेत्र में वर्षा गतिविधियों में तेजी आने की संभावना है। दक्षिण-पश्चिम मानसून (Southwest Monsoon) 8 जून को दक्षिण कोंकण और दक्षिण-मध्य महाराष्ट्र के आसपास के क्षेत्रों तक पहुंचा था। इसके बाद मानसून की प्रगति धीमी पड़ गई। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अल-नीनो के प्रभाव और अनुकूल मौसमीय परिस्थितियों के अभाव के कारण मानसून की गति प्रभावित हुई है।
अरब सागर से नमी का प्रवाह हुआ कमजोर
मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिमी हिंद महासागर और अरब सागर के ऊपर क्रॉस-इक्वेटोरियल प्रवाह हाल के दिनों में कमजोर हुआ है। इसके चलते मानसून की गतिविधियों में कमी आई है। इसके अलावा अरब सागर (western Indian Ocean and the Arabian Sea) और बंगाल की खाड़ी में फिलहाल ऐसा कोई प्रभावी कम दबाव क्षेत्र, चक्रवाती परिसंचरण या पश्चिमी तट के समानांतर मजबूत ऑफशोर ट्रफ मौजूद नहीं है, जो मानसून को आगे बढ़ाने में सहायक हो।
अगले चार-पांच दिन छिटपुट बारिश के आसार
मौजूदा मौसमीय परिस्थितियां महाराष्ट्र के शेष हिस्सों में मानसून की प्रगति के लिए पर्याप्त समर्थन नहीं दे रही हैं। इसी वजह से अगले चार से पांच दिनों तक राज्य के अधिकांश क्षेत्रों में केवल छिटपुट बारिश होने की संभावना जताई गई है।
यहां तक पहुंची है मानसून की उत्तरी सीमा
मौसम विभाग के अनुसार मानसून की उत्तरी सीमा वर्तमान में हरनाई, सोलापुर, हैदराबाद, भद्राचलम, कोरापुट, फुलबानी, रांची, जमुई और मुजफ्फरपुर से होकर गुजर रही है। बड़े पैमाने पर अनुकूल मौसमीय स्थितियों के अभाव में पिछले कुछ दिनों से महाराष्ट्र के शेष भागों में मानसून की प्रगति रुकी हुई है।
तेज हवाओं की कमी से प्रभावित हो रही बारिश
विशेषज्ञों के अनुसार वर्तमान मानसूनी प्रवाह में अरब सागर से आने वाली तेज दक्षिण-पश्चिमी हवाओं की कमी है। यही हवाएं सामान्यतः नमी लेकर आती हैं और व्यापक वर्षा के लिए जिम्मेदार होती हैं। इन हवाओं के कमजोर पड़ने से महाराष्ट्र के तटीय और आंतरिक क्षेत्रों में नमी का प्रवाह कम हो गया है, जिससे मानसून की गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं।
723 जिलों में से सिर्फ 103 में ही सामान्य बारिश
जून के तीसरे सप्ताह में भी मानसून देश के बड़े हिस्से को कवर नहीं कर पाया है। 17 जून की सुबह ली गई सैटेलाइट तस्वीरों में महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान और कर्नाटक के ऊपर मानसूनी बादल नहीं हैं। इन राज्यों में आसमान साफ दिख रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक, देश के 723 जिलों में से सिर्फ 103 में ही सामान्य बारिश हुई है। यानी, देश के 40% हिस्से में सामान्य से कम बारिश हुई है। इसकी मुख्य वजह बंगाल की खाड़ी में मजबूत लो-प्रेशर एरिया का न बनना है।





