
मनामा में यूएस नौसेना केंद्रीय कमान मुख्यालय पर ड्रोन हमला
तेहरान/मनामा/वाशिंगटन : (Tehran/Manama/Washington) ईरान और अमेरिका के बीच छिड़ी जंग फारस की खाड़ी पर स्थित बहरीन की राजधानी मनामा तक पहुंच गई है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (Islamic Revolutionary Guard Corps) (IRGC) ने दावा किया है कि उसने दक्षिणी ईरान पर हुए अमेरिकी हमलों के जवाब में बुधवार तड़के (UAE time) बहरीन की राजधानी मनामा में स्थित अमेरिकी नौसेना केंद्रीय कमान मुख्यालय पर ड्रोन हमला किया है। अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा कि उसने मंगलवार को आत्मरक्षा के जवाब में दक्षिणी ईरान पर हमले किए। यह कार्रवाई सोमवार को होर्मुज जलडमरूमध्य के ऊपर अमेरिकी लड़ाकू हेलीकॉप्टर अपॉचे को मार गिराए जाने के जवाब में की गई ।
अल जजीरा, सीबीएस न्यूज, गल्फ न्यूज और एबीसी न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, तेहरान में अधिकारियों ने कहा कि किसी भी हमले से निपटने के लिए ईरान की वायु रक्षा प्रणाली को सक्रिय कर दिया है। अधिकारियों ने कहा कि ईरान ने बुशहर के ऊपर एक हेलिकॉप्टर और एक अमेरिकी ड्रोन (helicopter and a US drone) (MQ-9) को मार गिराया है। इस बीच आईआरजीसी और खतम अल-अंबिया मुख्यालय ने पुष्टि की है कि कुछ अमेरिकी ठिकानों पर हमले किए गए हैं। दोनों ने सिर्फ एक स्थान किया जिक्र किया है। वह है- बहरीन की राजधानी मनामा स्थित अमेरिकी नौसेना केंद्रीय कमान मुख्यालय। खास बात यह है कि ईरान में खतम अल-अंबिया महत्वपूर्ण सैन्य कमान है। खतम अल-अंबिया को आईआरजीसी के तहत देश के सशस्त्र बलों, पारंपरिक सेना और खुफिया एजेंसियों के बीच सैन्य परिचालन और रणनीतिक रक्षा एवं आक्रामक अभियानों के समन्वय का सर्वोच्च केंद्र कहा जाता है।
अभी तक यह साफ नहीं हो सका है कि ईरान ने कितने ड्रोन से मनामा स्थित अमेरिकी नौसेना केंद्रीय कमान मुख्यालय को निशाना बनाया है। यह भी साफ नहीं किया गया कि क्या इस हमले में मिसाइलों का इस्तेमाल हुआ या नहीं। खतम अल-अंबिया मुख्यालय के बयान में मूल रूप से यह कहा गया है कि देश के दक्षिणी इलाकों में अमेरिकी सेना की आक्रामकता (which was the pretext for the downing of their helicopter) के जवाब में देश की सेना और आईआरजीसी ने मिलकर इलाके में मौजूद कुछ अमेरिकी ठिकानों पर जबरदस्त हमला किया।
खतम अल-अंबिया के बयान में कहा गया है कि अमेरिकी सेना ने ईरान के विरुद्ध आक्रामकता दोहराई, तो इलाके में स्थित तमाम अमेरिकी ठिकानों पर और जोरदार और बड़े पैमाने पर हमले किए जाएंगे। सेंटकॉम ने मंगलवार देररात कहा कि सोमवार को अपॉचे हेलीकॉप्टर को गिराए जाने के जवाब में ईरान पर आत्मरक्षा के लिए हमले किए गए। बदला पूरा कर लिया गया है। उधर, अपॉचे के घटनाक्रम पर राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि ईरानियों ने उस हेलीकॉप्टर को मार गिराया जो होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। भगवान का शुक्र है कि दोनों पायलट सुरक्षित बचा लिए गए। उन्होंने कहा था कि इसका जवाब बहुत कड़ा होगा।
इस बयान से कुछ घंटे पहले ट्रंप ने कहा था कि ईरान के साथ समझौता करने की कोशिशें “अंतिम चरण” में हैं और “दो या तीन दिनों” में समझौता हो सकता है। अपॉचे की घटना के बाद बातचीत किस स्थिति में है, यह स्पष्ट नहीं हो सका है। उधर, इजराइल ने लेबनान में ईरान समर्थित आतंकवादी समूह हिजबुल्लाह के खिलाफ सैन्य अभियान जारी रखा है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार को दक्षिणी शहर टायर पर हुए नए हमलों में कम से कम आठ लोग मारे गए। ईरान ने सोमवार को चेतावनी दी थी कि लेबनान में इजराइल के किसी भी नए हमले का वह जवाब देगा।
तेहरान में अधिकारियों ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य के पास ईरान के दक्षिणी तट पर धमाकों के बाद अब स्थिति शांत है। अमेरिकी डिजिटल समाचार आउटलेट एक्सियोस ने रिपोर्ट दी है कि अमेरिकी सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास ईरान की अनेक वायु रक्षा और रडार प्रणाली पर हमला किया। इसके बाद ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची (Foreign Minister Abbas Araghchi) ने जवाबी कार्रवाई की धमकी दी है। उधर, बहरीन के गृह मंत्रालय ने बुधवार को बताया कि देश में अलर्ट जारी किया गया। आईआरजीसी ने अमेरिकी बेस पर हमला किया है। मंत्रालय ने एक्स पर कहा, “सायरन बजाया गया है। नागरिकों और निवासियों से शांत रहने और निकटतम सुरक्षित स्थान पर जाने का आग्रह किया जाता है।”
मध्य पूर्व में अमेरिकी बलों की देखरेख करने वाली अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने एक्स पर कहा कि ईरान से अपॉचे को मार गिराने का बदला पूरा कर लिया गया है। अमेरिकी वायु सेना और नौसेना के लड़ाकू विमानों से सटीक हथियारों का इस्तेमाल करते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य के पास ईरानी वायु रक्षा प्रणालियों, ग्राउंड कंट्रोल स्टेशनों और निगरानी रडार साइटों पर हमला किया गया।
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने कहा कि उसके बलों ने बुधवार तड़के बहरीन में अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े के मुख्यालय पर ड्रोन हमला किया। ‘शहेद-136’ वन-वे अटैक ड्रोन से स्थानीय समयानुसार लगभग 2:30 बजे (यूएई) समय के अनुसार सुबह 3:30 बजे) मनामा में अमेरिकी बेस को निशाना बनाया गया। ईरान के विदेशमंत्री अब्बास अरागची ने कहा है कि भलाई इसी में है कि अमेरिकी सेना क्षेत्र छोड़कर चली जाए। उन्होंने कहा कि अमेरिका अब हमारी परीक्षा न ले। ईरान के धैर्य का बांध टूट चुका है।
इसलिए महत्वपूर्ण है अमेरिका का पांचवां बेड़ा संयुक्त राज्य अमेरिका का पांचवां बेड़ा बहुत ही महत्वपूर्ण है। यह मध्य पूर्व के देश बहरीन की राजधानी मनामा के जुफैर में स्थित है। आधिकारिक तौर पर इस सैन्य अड्डे का नाम नेवल सपोर्ट एक्टिविटी बहरीन है। इसके ऊपर उत्तरदायित्व लगभग 25 लाख वर्ग मील के समुद्री क्षेत्र की निगरानी करने का है। इसके दायरे में फारस की खाड़ी, लाल सागर, ओमान की खाड़ी, अरब सागर और हिंद महासागर के हिस्से शामिल हैं। इसका सबसे जरूरी काम होर्मुज जलडमरूमध्य, स्वेज नहर और बाब-अल-मंदेब जैसे दुनिया के सबसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों से गुजरने वाले तेल आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय जहाजों को सुरक्षा प्रदान करना है। यह बेस अमेरिकी नौसेना केंद्रीय कमान का मुख्यालय भी है। यह सीधे अमेरिकी सेंट्रल कमांड को रिपोर्ट करता है।


