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Prayagraj : प्रयागराज में सामूहिक हत्याकांड (चार की हत्या) का हुआ खुलासा

Prayagraj: Mass Murder Case (Four Killed) Solved in Prayagraj

प्रयागराज : (Prayagraj) प्रयागराज के साउथ मलाका स्थित कारोबारी वीरेंद्र वैश्य परिवार हत्याकांड (businessman Virendra Vaish—residents of South Malaka, Prayagraj) का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। जांच में सामने आया कि कारोबारी वीरेंद्र वैश्य के बड़े बेटे अभिषेक वैश्य ने अपने मित्र सनी गुप्ता (Abhishek Vaish, conspired with his friend, Sunny Gupta) के साथ मिलकर पिता, मां अंकिता और बहन मीनाक्षी की हत्या की साजिश रची थी। बाद में लूटे गए जेवरों के बंटवारे को लेकर हुए विवाद में सनी ने अभिषेक की भी हत्या कर दी।

पुलिस के अनुसार, कर्ज और पारिवारिक विवाद से परेशान अभिषेक ने संपत्ति और जेवर हथियाने के उद्देश्य से वारदात की योजना बनाई थी। 31 मई को उसने सनी गुप्ता को घर बुलाया और दोनों ने मिलकर पहले मीनाक्षी, फिर वीरेंद्र वैश्य और उनकी पत्नी की लोहे की रॉड से हत्या कर दी।

बंटी-बबली बहू लिख भटकाया ध्यान
जांच को भटकाने के लिए आरोपितों ने घटनास्थल पर भ्रामक संदेश भी लिखा, ताकि संदेह परिवार के अन्य सदस्य अश्विनी और उससे जुड़े लोगों पर जाए। वारदात के बाद दोनों ने घर से जेवर समेट लिए और साक्ष्य मिटाने का भी प्रयास किया।

पुलिस पूछताछ में सनी गुप्ता ने बताया कि जेवरों के बंटवारे को लेकर उसका अभिषेक से विवाद हो गया। इसी दौरान उसने उसी लोहे की रॉड से अभिषेक की हत्या कर दी और फरार हो गया। बाद में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

एक किलो सोना, आधा किलो चांदी बरामद
पुलिस ने आरोपित की निशानदेही पर करीब एक किलोग्राम सोना, आधा किलोग्राम चांदी और हत्या में प्रयुक्त लोहे की रॉड (one kilogram of gold, half a kilogram of silver, and the iron rod) बरामद की है। मामले में वीरेंद्र वैश्य के भांजे मंजीत केसरवानी की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया है।

चार हत्याओं से दहले प्रयागराज में इस सनसनीखेज वारदात ने लोगों को झकझोर दिया है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच पूरी कर आरोपित के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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